बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि 80-85 डेसिबल से अधिक की आवाज हमारे कानों के लिए खतरनाक है। लंबे समय तक ऐसी आवाज में रहने पर कानों के भीतर की कोशिकाएं प्रभावित होती हैं और सुनने की क्षमता स्थायी रूप से भी खत्म हो सकती है।
डीजे की 'सबसे तेज' आवाज की चाहत लोगों का जीवन तबाह कर रही है। कानफोड़ू डीजे अब गोरखपुर और आसपास के इलाकों में लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। हरियाणा और मेरठ में तैयार कराकर मंगाए गए हाई-वॉल्यूम डीजे सेटअप विसर्जन जुलूस के बाद अब सहालग में लोगों की नींद उड़ाएंगे। लोगों की मांग के अनुसार इनकी बुकिंग हो रही है।
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गोरखपुर में तीन बड़े डीजे संचालक हैं जिनके पास करोड़ों रुपये के हैवी साउंड वाले सेटअप हैं। इन सेटअप को बनाने में अमेरिका और चीन से आयात किए गए बेस, एम्पलीफायर, ऑडियो मिक्सर, स्पीकर और लाइट का इस्तेमाल किया गया है। संचालकों के अनुसार, एक बड़े डीजे सेटअप पर लगभग एक करोड़ रुपये तक भी खर्च आता है। इसे हरियाणा और मेरठ में विशेष तकनीक से तैयार किया जाता है और फिर गोरखपुर भेजा जाता है।
डीजे संचालक सुनील ने बताया कि ग्राहक अब केवल तेज ही नहीं, बल्कि "सबसे तेज" आवाज वाले सेटअप की डिमांड कर रहे हैं। यही कारण है कि 150 से 200 डेसिबल तक की आवाज वाले डीजे तैयार किए जा रहे हैं। शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में इनकी मांग कहीं ज्यादा है।
संचालक मानते हैं कि आवाज जितनी तेज होगी उतनी ही अधिक बुकिंग होती है। डीजे संचालकों का अनुमान है कि पूरे सीजन में डीजे का कारोबार करीब 20 करोड़ रुपये का होगा। गर्मी में इस बार सहालग में भी अच्छी कमाई हुई।
20 हजार से 2.5 लाख तक में बुकिंग
त्योहार से लेकर शादी समारोह तक डीजे का रेट तय है। सावन की कांवड़ यात्रा से शुरू होकर यह सिलसिला गणेश पूजा, दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजन और छठ पूजा तक चलता है। छोटे डीजे सेटअप की बुकिंग 20 हजार रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़े और हाईटेक सेटअप की कीमत 2.5 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
रेडिमेड से नहीं आती दमदार आवाज
डीजे संचालक अर्पण ने बताया कि शहर में जो भी अच्छे डीजे हैं, उनके पास बंधवाए हुए साउंड बॉक्स हैं। इसे खासकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मुंबई में बनवाया जाता है। इससे दमदार बेस मिलता है और आवाज नहीं फटती। मशीन कोरिया, चीन और थाइलैंड से आती है।
बताया कि एक अच्छा डीजे सेटअप बनवाने में करीब 50 लाख रुपये लग जाते हैं। वहीं, अगर बाजार से रेडिमेड खरीदते हैं तो 10 लाख में ही आ जाएगा लेकिन इसकी मांग नहीं रहती। डीजे संचालक आदित्य ने बताया कि एक शादी समारोह में आमतौर पर 2000 वॉट पॉवर वाले चार बेस और छह टॉप लगाए जाते हैं। कोरियन मशीन की मदद से इससे बहुत दमदार और धमकदार आवाजें निकलती हैं।
खत्म हो सकती है सुनने की क्षमता
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि 80-85 डेसिबल से अधिक की आवाज हमारे कानों के लिए खतरनाक है। लंबे समय तक ऐसी आवाज में रहने पर कानों के भीतर की कोशिकाएं प्रभावित होती हैं और सुनने की क्षमता स्थायी रूप से भी खत्म हो सकती है।
150-200 डेसिबल की आवाज ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा देती है जो हृदय रोगियों और बीपी के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा, लगातार तेज शोर से चिड़चिड़ापन, तनाव और नींद की समस्या भी आम हो गई है।