बशारतपुर के मिथिलेश ने बताया कि वे पत्नी के साथ स्लीपर कोच में थे। भीड़ के चलते बाहर निकलने में काफी दिक्कत हुई। सामान समेत जब तक बाहर आए, ट्रेन छूटने का समय हो गया था। वहीं बगहा के सतीश स्लीपर कोच में घुसने के प्रयास में लगे थे।
दोपहर 12.50 बजे आई बाघ एक्सप्रेस में भी यात्रियों की भीड़ थी। इस ट्रेन में छपरा जाने वाले यात्री चढ़ने का प्रयास कर रहे थे, वहीं अंदर बैठे यात्री अपनी सीट बचाने में लगे थे। जनरल बोगी के सामने तो अफरा तफरी जैसी स्थिति थी। जिसे जहां से जगह मिला, वहीं से घुसने का प्रयास किया।
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वापसी की ट्रेनें भी फुल, लेकिन अभी धक्का-मुक्की नहीं
अब गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में भी सीटें फुल हो गई हैं, लेकिन अभी धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं है। बताया जा रहा है कि छठ बाद यह स्थिति बिगड़ेगी। शाम पौने चार बजे दिल्ली गई बिहार संपर्क क्रांति में स्लीपर व एसी थर्ड कोच में यात्री आराम से अपनी सीटों पर बैठे थे। हालांकि जनरल कोच में यहां भी भीड़ नजर आई।