सड़को के किनारे खड़े सूखे पेड़ों के मालिकाना हक को लेकर जिला पंचायत और वन विभाग में ठनी
पहले जिला पंचायत के पास थीं सड़कें, तब हुआ था पौधरोपण, अब लोक निर्माण विभाग के पास हैं ये मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला पंचायत के अधीन रहने वाली कई सड़कें अब लोक निर्माण विभाग के पास चली गई हैं। जिला पंचायत ने सड़क किनारे पौधरोपण कराया था। समय के साथ पौधे बड़े हुए और अब इनमें से कई सूख चुके हैं। जिला पंचायत उन पेड़ों को अपना मानकर कटवाना चाह रही है। इसके लिए वन विभाग को पत्र लिखकर पेड़ों का मूल्यांकन करने को कहा गया है, लेकिन वन विभाग उन पेड़ों को जिला पंचायत का मानने से ही इन्कार कर रहा है। उसका कहना है कि सड़क लोक निर्माण विभाग का है तो पेड़ों का मालिकाना हक भी उन्हीं का है। उधर, जिला पंचायत के अधिकारी अपने दावे पर अडिग हैं। उनका कहना है कि पौधे हमने लगाए थे। अब हमारे हक को नकारना गलत है।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां से घघसरा, कौड़ीराम-गोला, कौड़ीराम-गजपुर मार्ग एवं पिपराइच मार्ग पहले जिला पंचायत के पास थे। इन सड़कों का निर्माण जिला पंचायत ने कराया गया था। उनके किनारे पौधे भी लगवाए थे। बाद में ये सड़कें जिले की प्रमुख मार्ग हो गईं। अब इनकी देख-रेख व मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग करता है। इन सड़कों के किनारे जिला पंचायत द्वारा लगवाए गए पौधे समय के साथ बड़े हुए और इनमें से कई अब सूख चुके हैं। जिला पंचायत उसे अपना मानकर कटवाना चाहती है, लेकिन वन विभाग उसे जिला पंचायत का मानने से इंकार कर रहा है। अफसरों का कहना है कि सड़क लोक निर्माण विभाग की है। इसलिए उसके किनारे लगे पेड़ों का मालिक भी लोक निर्माण विभाग है। उधर, जिला पंचायत अपने दावे पर अडिग है। उसके अधिकारियों का तर्क है कि भले ही आज सड़कें लोक निर्माण विभाग के पास हैं, लेकिन जब पौधरोपण किया गया था तब जिला पंचायत के पास थीं। सूखे पेड़ उनके हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के पत्र का जवाब नहीं दे रहे हैं। यह गलत है।
कोट-
- आज सड़कें भले ही लोक निर्माण विभाग की हो गई है, लेकिन पहले ये जिला पंचायत के पास थीं। जिला पंचायत ने ही इनके किनारे पौधरोपण किया था। समय के साथ ये पेड़ बन गए। आज सूख गए हैं। अब जिला पंचायत सूखे पेड़ों को कटवाना चाहती है, लेकिन कई बार पत्र लिखने के बाद भी वन विभाग वैल्यूएशन नहीं कर रहा है। इस वजह से पेड़ों की कटान नहीं हो पा रही है। सूखे पेड़ों की लकड़ियां लोग काट कर ले जा रहे हैं। इससे जिला पंचायत को नुकसान हो रहा है।
- अशोक सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत