बड़हलगंज(गोरखपुर)। जिला बदर रामेश्वर यादव के खिलाफ दो अलग-अलग राज्यों में फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाने का गंभीर मामला सामने आया है। रजौली गांव निवासी सुधाकर यादव की तहरीर पर एडीजी मुथा अशोक जैन के निर्देश से बड़हलगंज पुलिस ने जिला बदर के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और पासपोर्ट अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में बताया कि रामेश्वर यादव पर पहले से ही गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर की कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद उसने दो अलग-अलग पते दिखाकर पासपोर्ट बनवाए।
आरोप है कि पहला पासपोर्ट उसके मूल पते पर लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुआ था, जिसकी वैधता 28 दिसंबर 2024 तक है। वहीं दूसरा पासपोर्ट पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के दमदम थाना क्षेत्र की मोतीलाल कॉलोनी, एयरपोर्ट नंबर-2 गेट के पते से बनवाया गया। जिसकी वैधता एक अगस्त 2033 तक है।
सुधाकर यादव का आरोप है कि दोनों पासपोर्ट की पुष्टि होने के बावजूद रामेश्वर यादव की संभावित राजनीतिक पहुंच के कारण कार्रवाई नहीं हो रही थी। मामला एडीजी स्तर तक पहुंचने के बाद पुलिस हरकत में आई। बड़हलगंज पुलिस ने रामेश्वर यादव के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि एडीजी के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बढ़ सकता है जांच का दायरा
पुलिस अब दोनों पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन रिपोर्ट और जिला बदर की गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मामले में और भी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं, साथ ही जिन लोगों ने कथित रूप से सहयोग या संरक्षण दिया होगा, उन्हें भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।