जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 5200 से अधिक लोगों को होम क्वारंटीन किया जा चुका है। जबकि जिला प्रशासन की ओर से करीब 6500 लोगों को होम क्वारंटीन की सलाह दी जा चुकी है।
विदेश से 588 लोग आए
विदेश से आने वाले लोगों की संख्या जिले में अब तक 588 है। इनमें से 248 लोगों को होम क्वारंटीन का समय पूरा हो चुका है। अन्य लोगों अभी भी होम क्वारंटीन है।
जिले में 103 टीमें कर रही हैं काम
जिले में मौजूदा समय में 103 टीमें काम कर रही हैं। हर टीम में एक डॉक्टर और दो अन्य स्वास्थ्य कर्मी हैं। शहर में 23 टीमें काम कर रही हैं।
गांव में बनी निगरानी टीम
होम क्वारंटीन की निगरानी के लिए हर गांव में टीम भी बनाई गई है। इसमें ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, कोटेदार, आशा और आंगनबाड़ी वर्कर शामिल हैं।
एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने दिया प्रशिक्षण
एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने कोरोना टीम को प्रशिक्षण देने का काम भी शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत सोमवार से की गई है। पहले तीन डॉक्टर प्रशांत, डॉ आरबी यादव और डॉ महेश चौधरी को ट्रेनिंग देकर कोरोना मरीजों के इलाज के बारे में बताया गया है।
कोरोना जांच की सुविधा अब गोरखपुर में भी है। आरएमआरसी की मदद से गोरखपुर और बस्ती मंडल से आने वाले सैंपल की जांच बीआरडी मेडिकल कॉलेज में होती है। अब तक 25 सैंपल की जांच हो चुकी है। सभी रिपोर्ट निगेटिव आई है। थर्मन स्कैनर से जांच-पड़ताल की प्रक्रिया भी चल रही है।
प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
शंका समाधान के लिए केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 91-11-23978046 पर भी फोन कर सकते हैं।
ये अधिकारी कर रहे निगरानी
- एसीएमओ डॉ. आईबी विश्वकर्मा भटहट, पिपराइच, चरगांवा और सिंहोरिया स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र (9415823242)
- एसीएमओ डॉ. नंद कुमार जंगल कौड़िया, कैंपियरगंज, खोराबार और शिवपुर स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र (9450234442 )
- एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी सरदारनगर, चौरीचौरा, ब्रह्मपुर, बरही स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र ( 7905281728)
- एसीएमओ डॉ. एनके पांडेय सहजनवां, पिपरौली, खजनी, हरनही, पाली स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र (9415210205)
- एसीएमओ डॉ. एके प्रसाद बांसगांव, डेरवा, गोला, बड़हलगंज, ऊरवा, अरावं जगदीश स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र ( 6306838548 )
- एसीएमओ डॉ. एसके पांडेय बेलघाट, कौड़ीराम, बासूडीहा, गगहा स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र (9452265426)
एक कोच में बनाए जा रहे 10 बेड, दो से तीन दिन में पूरा हो जाएगा काम
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रेलवे वर्कशाप में स्लीपर के 20 कोच को आइसोलेशन वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक कोच में 10 बेड तैयार किए जा रहे हैं। दो से तीन दिनों में यह काम पूरा हो जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पहले कोच की सीटों को हटाकर बेड तैयार किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक उपकरण के लिए पॉवर प्वाइंट दिए जा रहे हैं। जरूरत के हिसाब से रेलवे अस्पताल से डॉक्टर और उनकी टीम की तैनाती की जाएगी। जरूरत के अनुसार इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है।
रनिंग रूम में रिजर्व रहेगा एक कमरा
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी स्टेशनों के रनिंग रूम में एक रूम रिजर्व रखने का निर्णय लिया है। ड्यूटी के दौरान लोको पायलट और गार्ड के कोरोना वायरस के संक्रमण से संदिग्ध पाए जाने पर उसे इसी रूम में रखा जाएगा। बाद में उसे अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।