गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एक मई को अपना 76वां स्थापना दिवस मनाएगा। उसी दिन पुरातन छात्र सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
डीडीयू अपने स्थापना दिवस पर ही हर वर्ष पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन करता है। सम्मेलन के दौरान विशिष्ट पुरातन छात्रों को सम्मानित किया जाता है। इसी क्रम में सभी विभागों से दो-दो विशिष्ट छात्रों के नाम मांगे गए हैं। विभागों से सूची मिलने के बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों को छांटेगी। विशिष्ट पुरातन छात्र के नाम पर विश्वविद्यालय प्रशासन अंतिम मुहर लगाएगा।
स्थापना दिवस और पुरातन छात्र सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय में माहौल बनने लगा है। डीडीयू प्रशासन ने सभी विभागों से अपने-अपने विभाग का पुरातन छात्र सम्मेलन विभागवार कराने का निर्देश जारी किया था। इसके तहत विभागों में भी अलग-अलग दिन पुरातन छात्र सम्मेलन कराए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम एक मई को महाराणा प्रताप परिसर स्थित गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में होगा। स्थापना दिवस व पुरातन छात्र सम्मेलन के लिए प्रो. नंदिता सिंह को संयोजक और प्रो. अनुभूति दुबे को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष व राजनीति शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमित उपाध्याय को समन्वयक बनाया गया है।
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्थापना दिवस व पुरातन छात्र सम्मेलन को लेकर अतिथियों के नाम तय किए जा रहे हैं। तैयारियों के लिए विभिन्न समितियां गठित कर दी गई हैं।