उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पोस्टमार्टम हाउस पर बुधवार को मां के शव के अंतिम संस्कार के लिए सगे भाइयों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद शांत हुआ। पुलिस ने पहले से मां की देखरेख करने वाले मझले बेटे को शव को अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया।
महुली एसओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मुखलिसपुर की रहने वाली 95 वर्षीय सुदामा उर्फ चंपा देवी पत्नी स्वर्गीय सजनलाल के छह बेटे थे। दो बेटों की मौत हो चुकी है। मां ने मझले बेटे गुलाबचंद को तीन बीघा जमीन अतिरिक्त बैनामा कर दी थी। वह मझले बेटे गुलाब चंद के परिवार के साथ ही रहती थी।
भाइयों में आपस में संपत्ति के लिए तनातनी चल रही है। मंगलवार की देर शाम वृद्धा की मौत हो गई। बड़े बेटे शिव प्रकाश अग्रहरि ने 112 नंबर पर फोन करके मां की मौत होने की सूचना दी। आरोप लगाया कि उसके मझले भाई गुलाबचंद ने मां को मार डाला है।