गोरखपुर। सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी का वार्षिक बजट एक करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये किए जाने पर जिले के सिंधी समाज में हर्ष, उत्साह और गौरव का वातावरण है। समाज के लोगों ने इसे सिंधी संस्कृति के सम्मान और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सिंधी समाज के लोगों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि यह निर्णय सरकार की उस संवेदनशील सोच का प्रतीक है, जो भारत की विविध भाषाओं, सांस्कृतिक परंपराओं और समाज की अस्मिता को सम्मान देती है। नंदलाल लखमानी ने कहा कि बजट वृद्धि से समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों, साहित्यिक कार्यक्रमों और युवा पीढ़ी में अपनी मातृभाषा के प्रति जुड़ाव को नई दिशा मिलेगी। अंजना राजपाल ने कहा कि इससे सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शोध, प्रकाशन, युवा सहभागिता और परंपरागत विरासत के प्रचार-प्रसार को सशक्त आधार मिलेगा।
बोले समाज के लोग
यह निर्णय सिंधी समाज के लिए सम्मान, विश्वास और प्रेरणा का संदेश है। इससे आने वाली पीढ़ियों में अपनी मातृभाषा, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा के प्रति नई चेतना जागृत होगी।
- नरेश बजाज, पूर्व सदस्य, उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी
हम सब समाज के लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बजट वृद्धि से सिंधी भाषा, साहित्य और संस्कृति की सुगंध प्रदेश के कोने-कोने तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।
- देवा केशवानी, महामंत्री, सिंधी समाज