इसके अलावा एसपी नार्थ अरविंद पांडेय, एसपी साउथ विपुल श्रीवास्तव, एसपी क्राइम अशोक वर्मा, एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा, सीओ खजनी योगेंद्र नारायण मिश्रा, सीओ बांसगांव नीतेश सिंह, सीओ गोला श्यामदेव बिंह, सीओ चौरीचौरा रचना मिश्रा, सीओ कैंपियरगंज दिनेश सिंह, सीओ कोतवाली वीपी सिंह, सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह अपने अपने सिर्किल में सभी थानेदारों के साथ डंटे रहे।
वहीं महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह भी गोलघर आदि स्थानों पर घूम घूम कर महिलाओं को घरों के अंदर भेजा। वहीं दूसरी ओर खोराबार के जंगलसिकरी देवरिया बाईपास तिराहे पर सुबह अचानक भीड़ लगने पर लाठियां पटकनी पड़ी। लाकडाउन में लोगों की भलाई के लिए सख्ती के साथ ही पुलिस का एक मानवीय चेहरा भी सामने आ रहा है।
पिछले दो दिनों में कई पुलिसकर्मी अपने-अपने इलाके में सड़क पर घूमने वाले गरीबों को भोजन भी करा रहे हैं। शहर के धर्मशाला बाजार में इलाके के गणमान्य लोगों की मदद से एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ के निर्देश पर सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह व चौकी इंचार्ज धीरेंद्र राय भोजन बनवा कर सड़क पर घूमने वाले लोगों, गरीबों, बेसहारा बच्चों को सुबह शाम भोजन करा रहे हैं।
अबतक यहां पुलिस ने 150 लोगों को भोजन करा चुकी है। वहीं बृहस्पतिवार से पुलिस की ओर से दशहरीबाग तिराहे पर भी भोजन की शुरूआत की गई है। यह अभियान लॉकडाउन रहने तक आगामी चौदह अप्रैल तक चलेगा।
वहीं एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने भी बृहस्पतिवार को कुछ गरीबों को घर से खाना लाकर खिलाया। इसी प्रकार बेलघाट एसओ ने भी बुधवार को मंदिर के बाहर बैठे दो गरीबों को भोजन कराया। पुलिस भोजन से पहले सभी का हाथ धुलवा रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रख रही है। पुलिस के इन कार्यों का डीएम और एसएसपी ने भी सराहना की है।
रास्ते में फंसे लोगों की पुलिस मदद करेगी। बशर्ते उन्हें ऐसे समय डॉयल 112 पर काल करना होगा। दरअसल कई लोग अपने गांव जाने के लिए बस या साधन नहीं मिलने पर पैदल ही निकल जा रहे हैं। बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें जाने नहीं दे रहे है।
ऐसे में उन्हें तमाम दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए एसएसपी ने निर्देश दिया है कि अगर कोई भी पीड़ित डॉयल 112 पर फोन करता है तो पीआरवी के पुलिसकर्मी उनकी मदद करेंगे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर आश्रय दिलाएंगे।
दरअसल ब़ृहस्पतिवार को गोरखपुर के बिछिया में रहकर मजदूरी करने वाले तीन मजदूर लाकडाउन से परेशान होकर अपने गांव देवरिया के सलेमपुर के लिए निकले। उन्हें बस नहीं मिला तो वे पैदल ही खोराबार के जंगलसिकरी स्थित देवरिया बाइपास तिराहे तक पहुंच गए। जबकि उन्हें करीब साठ किलोमीटर का सफर और बाकि था। इसी प्रकार महराजगंज से गोरखपुर आ रहा एक परिवार गुलरिहा इलाके में फंस गया था। वे पैदल ही वहां तक पहुंचे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे।