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Gorakhpur News: संशोधित मेयर और पार्षद में किसे वोट दिया, पता ही नहीं चला, बता दीजिए

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कंट्रोल रूम में वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की सबसे ज्यादा शिकायतें आईं
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किसी ने बूथ के बाहर प्रचार करने तो किसी ने बिजली नहीं होने की दर्ज कराई शिकायत

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। देखिए मैं पढ़ा लिखा हूं। वोट डालने गया। मेयर और पार्षद में किसे वोट दिया। यह भूल गया हूं। आप बता दीजिए। कुछ इसी तरह के सवालों से पुराना कलेक्ट्रेट परिसर के ई-डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सेंटर में बने कंट्रोल रूम के कर्मचारी बृहस्पतिवार को दिन भर जूझते रहे। निकाय चुनाव के दौरान किसी तरह की समस्या के समाधान, गड़बड़ी से निपटने के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया था।
सुबह छह बजे कंट्रोल रूम के कर्मचारी मुस्तैद हो गए। जारी हुए नंबर पर आने वाली सूचनाओं को नोट करके संबंधित अधिकारियों को अवगत कराते रहे। इस दौरान करीब 225 फोन काल आए, जिनमें 150 से अधिक लोगाें ने नाम कटने और वोट नहीं डाल पाने की शिकायतें कीं।
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वार्ड नंबर 71 से एक मतदाता ने फोन किया। कर्मचारी रितेश सिंह के फोन उठाने पर उन्होंने बताया कि वह वोट डालकर कर आए हैं। लेकिन मेयर और पार्षद का वोट किसे दिए हैं, यह भूल गए हैं। वहां दो बाक्स बने हुए थे। उसमें किसको वोट दिए हैं, यह याद नहीं है। क्या आप बता देंगे। इतना सुनने के बाद कर्मचारी सोच में पड़ गए कि इसका क्या जवाब होगा। फिर बोले कि अच्छा पता करके अवगत कराते हैं।
सुबह 9.13 बजे विकास नगर से मतदाता प्रमोद कुमार ने नाम कटने की शिकायत की। आवास विकास कॉलोनी के 11 लोगों का नाम सूची से गायब होने की शिकायत भी आई। उरुवा के कांग्रेस प्रत्याशी दयानंद ने उनके वोटराें को जबरन रोकने की सूचना कंट्रोल रूम को दी। 9.45 बजे वार्ड नंबर 22 के बिछिया से पर्ची के साथ प्रचार करने की जानकारी दीपक यादव ने दी। उन्होंने कंट्रोल रूम को बताया कि मतदान केंद्र के गेट पर ही पर्ची दी जा रही है।
वार्ड नंबर सात के डीएवी इंटर कॉलेज के मतदान केंद्र पर बिजली गायब होने की सूचना मिली। इस पर फौरन कर्मचारी सक्रिय हो गए। वहां जेनरेटर का इंतजाम कराया। भाजपा के जिला मंत्री अजय श्रीवास्तव के नाम से भी शिकायतें आईं। कंट्रोल रूम में आने वाली ज्यादातर शिकायतें नाम कटने की रहीं। इसके अलावा सूचना लेने के लिए भी लोगों ने फोन किया।
वार्ड नंबर 29 से संतोष सिंह ने कंट्रोल रूम के कर्मचारी को बताया कि जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर नाम काट दिया गया है। दिवाकर सिंह, राम प्रसाद, संजय कुमार सहित अन्य लोगों ने वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की सूचना दी। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर नीरज सिंह की अगुवाई में 40 सदस्यीय टीम तैनात की गई थी। इनमें शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
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नाम में एक अक्षर गलत था, वोट नहीं डालने दिया

कंट्रोल रूम में ज्यादातर शिकायतें वोटर लिस्ट से नाम कटने की आईं। एक शिकायतकर्ता वंदना गुप्ता ने अपनी माता के नाम में एक अक्षर गलत होने पर वोट नहीं डालने देने की शिकायत की। वार्ड नंबर आठ, खजांची चौराहे के मनंजय ने मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद पर्ची नहीं देने की सूचना दी। वार्ड नंबर 20 के सागर ने वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की शिकायत की। इसी तरह से यह क्रम मतदान समाप्ति तक चलता रहा। हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली सूचनाओं को नोट करके कर्मचारी संबंधित अधिकारियों को बताते रहे।
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