गीडा प्रशासन की योजना धुरियापार को ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर ग्रेटर गीडा बनाने की है। इसके अंतर्गत धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही आवासीय, व्यवसायिक, संस्थागत, परिवहन व अन्य सेक्टर के लिए भी सुविधाजनक प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने का दिया निर्देश
प्रेजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने सीईओ गीडा को निर्देशित किया कि इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि धुरियापार क्षेत्र में जमीनों का एक हिस्सा ऊसर प्रकृति का है। किसानों को इन जमीनों का भरपूर मूल्य प्राप्त होगा और ऊसर धरती पर औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार और खुशहाली की फसल लहलहाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार रामजानकी मार्ग का भी कायाकल्प कर रही है। इस मार्ग को सनातन आस्था व संस्कृति के साथ ही रोजगार के नए अवसरों से भी जोड़ा जाएगा।
युवाओं के रोजगार का जरिया बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर के दक्षिणांचल के औद्योगिक विकास को लेकर योगी सरकार काफी संजीदा है। धुरियापार में बनने के बाद से ही बंद पड़ी चीनी मिल के कुछ हिस्से में इंडियन ऑयल की तरफ से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट बन रहा है। यह प्लांट बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बनेगा। इस प्लांट के साथ धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मूर्त रूप में आने के बाद इस क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा।
इन गांवों को किया गया अधिसूचित
गौखास, हरपुर तप्पा चानपार, बाथ बुजुर्ग काश्तकाशी नायक, मठदुर्वाशा, घड़ारी कास्तसुवंश दुबे, चाडी, भिसमपट्टी दोदापार, दिघरूआ, सकरदेइया, परसा बुजुर्ग, दुबरीपुरा बाथ खुर्द, पुरादयाल, बरपार माफी, धौराहरा।