देवेंद्र प्रताप सिंह ने भाजपा विधायक और वरिष्ठ अफसर से एक राजनीतिक परिवार को खतरा बताया
मामला सुल्तानपुर का, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को जांच के लिए लिखा पत्र
गोरखपुर। भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सुल्तानपुर जिले में शाहगंज विधानसभा क्षेत्र से निषाद पार्टी से प्रत्याशी रहे राणा अजीत प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों को पुलिस की ओर से फर्जी ढंग से फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने एनकाउंटर की आशंका भी जताई है। एमएलसी ने प्रकरण में सत्तारूढ़ दल के एक विधायक और शासन के एक वरिष्ठ अफसर पर साठगांठ कर पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।
उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अपनी शिकायत को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करने का भी अनुरोध किया है। भाजपा एमएलसी ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में बताया कि सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र में दो परिवारों के बीच मारपीट की घटना में सत्तारूढ़ दल के एक विधायक ने राजनीतिक दुर्भावना से साजिश करते हुए शाहगंज, सुल्लानपुर से विधायक प्रत्याशी रहे राणा अजीत प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों को फंसा दिया।
उन्होंने पत्र में लिखा कि परिवार के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया जबकि ये सभी घटना के समय आवास और कार्यालय पर मौजूद थे। आनन-फानन में 12 आरोपियों के खिलाफ नौ दिन में ही 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में शासन इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। आरोप लगाया कि इसमें शासन के एक वरिष्ठ अफसर का हाथ है। जब शासन के लोग ही शामिल हैं तो किससे फरियाद किया जाए, इसीलिए उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध किया है।