गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र के विकास पर 435 करोड़ रुपये खर्च करेगा। औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में गीडा के बजट को मंजूरी दे दी गई है।
बजट में 179 करोड़ रुपये की लागत से जमीन खरीदने और गीडा क्षेत्र के विकास के लिए 210 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। फैसला हुआ कि उद्यमियों को अब औद्योगिक भूखंड आवंटन के समय 30 फीसदी धनराशि जमा करनी होगी। बची 70 फीसदी राशि 10 को किस्तों में जमा करनी है।
बोर्ड बैठक में गीडा में औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार की मौजूदगी में शनिवार देर रात तक चली गीडा बोर्ड की बैठक में बजट का प्रस्ताव सीईओ पवन अग्रवाल ने रखा था, जिसे आम सहमति से मंजूर कर लिया गया। निर्णय लिया गया कि औद्योगिक लैंड बैंक बढ़ाने के लिए जमीन खरीदी जाएगी। औद्योगिक जमीन भीटी रावत से लेकर कालेसर तक खरीदी जानी है। बैठक में कमिश्नर रवि कुमार एनजी सहित गीडा के अधिकारी मौजूद रहे।
उद्योग नहीं लगाने वालों पर होगी सख्ती
बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त ने खाली भूखंडों को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद बोर्ड ने निर्णय लिया कि तय समय में उद्योग नहीं लगाने वालों को नोटिस दिया जाएगा। जमीन का आवंटन भी निरस्त होगा। दरअसल , 100 से अधिक आवंटित भूखंडों पर वर्षों बाद भी उद्योग नहीं स्थापित हो सके हैं।
मृतक आश्रितों की नियुक्ति का रास्ता साफ
बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, मृत सरकारी सेवक के आश्रितों की भर्ती नियमावली को लागू करने की भी स्वीकृति मिली है। अब मृतक आश्रितों को नौकरी का रास्ता साफ हो गया है।
डाटा सेंटर नीति गीडा में लागू
उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति, 2021 की सिफारिशों को लागू करने पर सहमति बनी है। इस नीति में अनुमन्य सब लीजिंग, फ्लोर एरिया रेशियों, भूमि आच्छादन आदि नियमों को लागू किया जाएगा। सीईओ ने बताया कि नीति के प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
गीडा बोर्ड ने बजट को मंजूरी दे दी है। औद्योगिक भूखंडों की कमी दूर होगी। इसके लिए 179 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे निवेशकों को जमीन मुहैया कराने में मदद मिलेगी। बड़े प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर भूखंड उपलब्ध कराए जा सकेंगे। - पवन अग्रवाल, सीईओ, गीडा