गोरखपुर-देवरिया परिक्षेत्र की 13 चीनी मिलों पर किसानों के गन्ना मूल्य का 472 करोड़ रुपये का बकाया है। इस बकाया भुगतान को लेकर किसान काफी दिनों से चीनी मिलों से लेकर गन्ना कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों की परेशानी को देखते हुए उप गन्ना आयुक्त ऊषा पाल ने दोनों परिक्षेत्रों की सभी चीनी मिलों को नोटिस देकर जल्द भुगतान करने का निर्देश दिया है। नोटिस में कहा गया है कि चीनी की बिक्री से मिलने वाली रकम से सर्वप्रथम गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाए।
गोरखपुर परिक्षेत्र की पांच चीनी मिलों पर 231.28 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। इसमें बस्ती जिले की रुधौली चीनी मिल पर सबसे ज्यादा 93.57 करोड़ रुपये का बकाया है। इस मिल ने सिर्फ 29.39 फीसदी किसानों का ही गन्ना मूल्य भुगतान किया है जबकि परिक्षेत्र का औसत गन्ना मूल्य भुगतान 73.45 फीसदी है। गोरखपुर परिक्षेत्र में सबसे ज्यादा बस्ती की ही बभनान चीनी मिल ने भुगतान किया है। इस मिल ने 85.26 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।
इसी तरह देवरिया परिक्षेत्र की चीनी मिलों पर 240.84 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इस परिक्षेत्र का औसत भुगतान 81.57 फीसदी है। सर्वाधिक 94.10 फीसदी भुगतान ढाढ़ा बुजुर्ग चीनी मिल ने किया है। दूसरे नम्बर पर सेवरही की चीनी मिल है जिसने 89.17 फीसदी भुगतान कर दिया है। देवरिया परिक्षेत्र में सबसे कम 45.01 फीसदी भुगतान, प्रतापपुर चीनी मिल ने किया है।