उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अवैध रूप से धन वसूलने और बैनामे में लगने वाले स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी करने के आरोपों से घिरे बांसगांव के उप निबंधक विनोद कुमार गुप्ता को प्रदेश की महानिरीक्षक निबंधन (आईजी स्टांप) मिनिस्ती एस ने गुरुवार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि तक के लिए उन्हें एआईजी स्टांप कार्यालय गोरखपुर से संबद्ध किया गया है। आईजी ने मामले की जांच डीआईजी गोरखपुर रामानंद सिंह को सौंपी है।
सिविल बार एसोसिएशन बांसगांव के अध्यक्ष मान सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने नौ सितंबर को आईजी स्टांप से उप निबंधक (सब रजिस्ट्रार ) की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उप निबंधक अवैध तरीके से धन वसूलने के साथ ही अभिलेखों में हेराफेरी और बैनामों में लगने वाली स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप के संबंध में साक्ष्य भी प्रस्तुत किए थे।
प्रतिनिधि मंडल की शिकायत पर ही आईजी ने उन्हें निलंबित करते हुए मामले की जांच डीआईजी स्टांप को सौंप दी। शिकायत करने वाले प्रतिनिधिमंडल में रणंजय सिंह और सुरेश सिंह भी शामिल हैं। निलंबन की कॉपी अमर उजाला के पास है।
हालांकि डीआईजी का कहना है कि उन्हें अभी मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वह शहर से बाहर हैं। पहुंचने पर पत्रावली देखेंगे। इस संबंध में सब रजिस्ट्रार बांसगांव विनोद कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उनका फोन नहीं उठा। उनका जब भी पक्ष आएगा, उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।