देवरिया। सदर रेलवे स्टेशन पर नवनिर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने प्लेटफार्म नंबर एक के पास पश्चिमी छोर पर एक नया वैकल्पिक मार्ग बनाया है। हालांकि स्टेशन परिसर स्थित इस मार्ग पर ऑटो व ई-रिक्शा चालक अपने वाहनों के साथ पहुंच जा रहे हैं। मनमाने ढंग से वाहनों को खड़ा करने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। आरपीएफ भी इनकी मनमानी पर रोक नहीं लगा पा रही है।
देवरिया सदर रेलवे स्टेशन परिसर में अमृत भारत योजना के तहत नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। दो साल पहले इस योजना में इसका चयन हुआ था और केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 60.64 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृति की गई है। पांच अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग से इसका शिलान्यास किया था। इसके बाद से परिसर में निर्माण कार्य चयनित गति शक्ति एजेंसी की ओर से किया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यों में सर्कुलेटिंग एरिया, वाटर ड्रेनेज, पाथ वे, आगमन-प्रस्थान द्वार, पार्किंग, यात्री प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, प्लेटफार्म संख्या एक के विस्तार, शेड व फाल सिलिंग, प्रवेश एवं निकास मार्ग, साफ-सफाई तथा रख-रखाव आदि शामिल हैं।
प्लेटफार्म नंबर एक पर एक और फुट ओवरब्रिज बनाने का कार्य प्रगति पर है। निर्माण कार्य के चलते पूरब की ओर से प्रथम प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया, इसके आगे के द्वार को खोला गया है। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए प्लेटफार्म संख्या एक के पश्चिमी छोर पर फुट ओवरब्रिज के पास रेलवे की ओर से एक वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है।
बृहस्पतिवार को दोपहर 2:30 बजे इस वैकल्पिक मार्ग के आगे ही ई-रिक्शा वाले लाइन से खडे़ रहे। यह स्थिति तब है जब सवारी बैठाने के लिए इन वाहनों को निर्धारित वाहन स्टैंड भी बनाया गया है। लेकिन यह यहां खड़े न होकर प्लेटफार्म के नजदीक वाले नए बने मार्ग पर पहुंचकर सवारियों बैठाते दिखे। इन्हें रोकने-टोकने वाला भी कोई नहीं था। ऐसे में आने-जाने वाले यात्रियों को बाहर निकलने में परेशानी होती दिखी। ई-रिक्शा चालक इन्हें अपने वाहन में बैठाने के लिए बेताब दिखे। एक प्राइवेट कर्मचारी इन वाहनों से 10 से 20 रुपये स्टैंड शुल्क भी वसूलते दिखा। पूछने पर बताया कि ठेकेदार का आदमी हूं। उनकी अनुमति से ही स्टैंड वसूल रहा हूं।
यात्रियों के निकास वाले द्वार से वाहनों का अतिक्रमण हटाने की मांग
मैरवा से नीट की कोचिंग करने प्रतिदिन आने वाले शिवांश राय, कमल त्रिपाठी, शिवांशी चौरसिया, कचहरी आने वाले जगपति द्विवेदी, श्रीनिवास यादव ने बताया कि यात्रियों के वैकल्पिक मार्ग देकर रेलवे प्रशासन ने बेहतर कार्य किया। क्योंकि पूर्वी द्वार को बंद कर दिए जाने एक केवल एक निकास द्वार रखने से निर्माण कार्य होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। वैकल्पिक मार्ग वाले स्थान से जैसे ही प्लेटफार्म नंबर एक से बाहर निकलते हैं तो यहां बड़ी संख्या में ऑटो व ई-रिक्शा चालक खड़े रह रहे हैं। ऐसे में समय से निकल पाना नहीं हो पा रहा है । आरपीएफ और जीआरपी भी इनकी मनमानी पर रोक नहीं लगा पा रही है।
कोट
वैकल्पिक मार्ग वाले स्थान पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी की सूचना मिली है। इस पर रोक लगाने के लिए आरपीएफ को कहा जाएगा। यहां पर वह व्यवस्थित ढंग से खड़े होकर सवारी भरे तो आने-जाने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
-संदीप भटनागर, स्टेशन अधीक्षक
कोट
वैकल्पिक मार्ग के पास जो वाहन खड़े हो रहे हैं, वह स्टैंड के लिए निर्धारित किराया देते हैं। हालांकि उनके लिए बगल में वाहन स्टैंड बनाया गया है। यात्रियों को यहां से निकलने में परेशानी न हो, इसके लिए यहां गश्त बढ़ाई जाएगी।
-आस मोहम्मद, आरपीएफ इंस्पेक्टर