तरकुलवा। एक सीएससी संचालक ने कैंसर पीड़ित महिला के परिजनों से 14,200 रुपये लेकर आयुष्मान कार्ड तो बना दिया, लेकिन जब पीड़िता बनारस के टाटा मेमोरियल अस्पताल में पहुंची तो शुरुआती जांच में ही आयुष्मान कार्ड फर्जी पाया गया। किसी तरह महिला के परिजन उसे लेकर घर आए। महिला के बेटे ने तरकुलवा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
आयुष्मान भारत योजना के जरिए गरीब परिवार के सदस्यों को साल में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। इसी का फायदा उठाते हुए क्षेत्र के कुछ सीएससी संचालक जरूरतमंद लोगों से 15-20 हजार लेकर आयुष्मान कार्ड बनाने का धंधा चला रहे हैं। बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम मेहा हरहंगपुर के अब्दुल वाहिद ने तरकुलवा थाने में तहरीर दी है। कहा है कि लगभग छह महीने से उनकी मां हसीबुन निशा कैंसर से पीड़ित हैं, जिनका इलाज बनारस के टाटा मेमोरियल अस्पताल में चल रहा है। इलाज के दौरान उनकी मुलाकात थाना क्षेत्र के कवलाचक गांव के एक व्यक्ति तथा कंचनपुर के एक सीएससी संचालक से हो गई। दोनों ने उनसे आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 14,200 रुपये ले लिए।
वे लोग एक सप्ताह बाद उनको आयुष्मान कार्ड बनाकर दे दिया। वे उस कार्ड को लेकर मां के साथ इलाज के लिए जब बनारस अस्पताल पहुंचे तो वहां के डाक्टरों ने उसे फर्जी बताकर अस्पताल से उनको बाहर निकाल दिया। आरोप है कि जब वे इसकी जानकारी उन दोनों को दी तो वे उनको मारने-पीटने की धमकी देने लगे। थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।