वार्ड में भर्ती एक मरीज मच्छरदानी हटाकर बैठा था। सीएमओ ने समझाया कि मच्छरदानी हटाने से उनके साथ-साथ बगल वालों का भी नुकसान है। अगर कोई मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद दूसरे को भी काटता है तो उसमें भी डेंगू के लक्षण आ जाएंगे। इसलिए जब तक स्वस्थ न हो जाएं, तब तक मच्छरदानी न हटाएं। एक मरीज के साथ उसके घरवाले भी बैठे थे, जिन्हें सीएमओ ने समझाकर वार्ड से बाहर भेजा।
इसके बाद उन्होंने प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीजों को भी देखा और उनकी हालत की जानकारी ली। इस वार्ड में अस्पताल के एक कर्मचारी के पिता भर्ती हैं, जिनके इलाज की सीएमओ ने जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि दो अन्य कर्मचारियों के परिजन भी डेंगू की चपेट में हैं।
डेंगू मरीजों का इलाज करने वाले नोडल अफसर डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सभी को आराम करने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और शरीर को अतिरिक्त उर्जा देने वाले तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, ओआरएस आदि पीते रहने की सलाह दी जा रही है। मरीज को जितना आराम मिलेगा, उसकी रिकवरी भी उतनी ही बेहतर होगी।
अब तक 7750 लोगों की हो चुकी है डेंगू जांच
जिले में शनिवार को एक साथ 15 मरीज मिले थे। पूरे साल में एक दिन में यह संख्या सर्वाधिक है। मलेरिया विभाग के आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अब स्थिति गंभीर हो रही है। अब तक सरकारी अस्पतालों में 7750 लोगों की डेंगू जांच हो चुकी है। इसमें से 6181 लोगों की एनएस वन किट से जांच कराई गई है।
डेंगू के संदिग्ध लक्षण वाले 1569 लोगों की एलाइजा किट से भी जांच कराई गई है। इसके अलावा एक हजार से अधिक लोगों की निजी अस्पतालों में भी जांच कराई जा चुकी है। मरीजों की भीड़ का आलम यह है कि जिला अस्पताल में 18 बेड का डेंगू वार्ड तो भरा ही है, बगल में आठ बेड के प्राइवेट वार्ड में भी डेंगू के मरीज रखे गए हैं। यहां जगह नहीं बचने से अब नए मरीजों को 100 बेड के टीबी अस्पताल में रेफर किया जा रहा है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। मेडिसिन वार्ड की विभागाध्यक्ष डॉ. माध्वी सरकारी ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। जांच के बाद जिनकी हालत गंभीर है उन्हें भर्ती के लिए निर्देशित किया जाता है, बाकियों को दवा देकर घर में आराम करने की सलाह दी जा रही है।
वायरल फीवर में आराम करने से ही राहत मिलती है। मरीजों को बताया जा रहा है कि दवा लेकर पूरी तरह से आराम करें और जितना संभव है तरल पदार्थ लें। शरीर की उर्जा और सकारात्मक भाव को बनाए रखने से ही आराम मिलेगा।
जहां मरीज अधिक, वहां करा रहे लार्वा की सफाई: मलेरिया अधिकारी
डेंगू के केस बढ़ने की सबसे अहम वजह यह है कि लोग अपने घरों में जमा साफ पानी नहीं हटा रहे हैं। डेंगू के लार्वा की जांच के लिए 27 टीमें प्रतिदिन फील्ड में जा रही हैं। हर दिन करीब डेढ़ हजार जगहों पर गमले, कूलर, टायर, पुराने कबाड़ में जमा पानी की जांच की जाती है। औसतन 10 से 15 पानी वाले बर्तनों में मच्छर के लार्वा मिल जा रहे हैं।
लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि साफ पानी में मिला लार्वा मच्छर बनकर उसी घर में सबसे पहले डेंगू फैलाएगा, इसके बाद भी लोग इसकी सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए अब उन इलाकों को टारगेट किया जा रहा है, जहां केस अधिक हैं। क्योंकि डेंगू का कहर रोकने के लिए मच्छरों पर रोक लगाना सबसे जरूरी है।