एंटी लार्वा के छिड़काव में भी बड़े पैमाने पर खेल होने की सूचना है। वार्ड के पार्षदों ने बताया कि नगर निगम के जिम्मेदार खुद इसका कारण हैं। पिछले तीन दिनों में वार्ड में आई फॉगिंग मशीन खराब हो गई। नई मशीन आई तो दस मिनट चलकर खराब हो गई। इसे चलाने में डीजल का प्रयोग होता है।
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निगम की तरफ से डीजल बिक्री-खरीद और मशीन के संचालन में उपयोग होने वाले तेल की समीक्षा कर लें तो बड़ी लापरवाही सामने आ जाएगी। सूत्रों ने बताया कि वार्ड में इन्हीं छोटी मशीनों को भेजा जाता है। इस मशीन में पांच लीटर डीजल और एक लीटर पेट्रोल की खपत होती है। ये मशीनें वार्ड में आकर बंद हो जाती हैं। इनके संचालन को दिखाकर प्रतिदिन का भुगतान ले लिया जाता है।
- मच्छर भगाने वाले रेपेल्लेंट का प्रयोग करें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- नेटिंग या स्क्रीन, खिड़की और दरवाजों में होनी चाहिए।
- सुगंधित साबुन और इत्र मच्छरों को आकर्षित कर सकते हैं।
- रुके हुए पानी को समय पर निकालना आवश्यक है। एडीज मच्छर साफ और स्थिर पानी में ही पनपते हैं।
- घरों के फ्रिज के नीचे ट्रे में रखा पानी, गमले का पानी, कूलर का पानी ये सब खतरनाक होता है। इसकी प्रतिदिन सफाई करनी चाहिए।
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डेंगू बुखार के लक्षण
जब डेंगू बुखार ज्यादा गंभीर नहीं होता है तो बच्चों या किशोर में मुश्किल से इसके लक्षण दिखाई देते हैं। यदि लक्षण होते भी हैं तो यह संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के चार से सात दिनों तक रहते हैं। सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, ग्रंथियों में सूजन आना, आंखों में दर्द होना आदि इसके लक्षण हैं।