तीनों मरीजों के घर में छिपे थे एडीज मच्छर, 1286 स्थानों से लिए गए लार्वा जांच के नमूने
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अपील, साफ पानी को न होने दें जमा
कूलर, गमले और फ्रिज के बैक-ट्रे पर भी डेंगू के लार्वा मिल रहे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सावधान हो जाइए। शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है। शहर के बेतियाहाता, छावनी और ट्रांसपोर्टनगर के तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई है। चिंता की बात यह है कि जो मरीज मिले हैं, उनके घरों में ही डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर पनप रहे थे। इसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने बचाव को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। लोगों से घर या आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की गई है।
डेंगू को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि पिछले साल इस बीमारी ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। 318 डेंगू के मरीज मिले थे, जो 10 सालों में सबसे अधिक था। राहत की बात यह थी कि एक भी मौत नहीं हुई थी।इसके बाद भी प्लेटलेट्स के लिए ब्लड बैंकों में मारामारी हो गई थी।
जानकारी के मुताबिक, इस साल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 436 घरों से 1286 स्थानों से लार्वा की जांच की, जिसकी रिपोर्ट अब तक जारी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि यह सैंपल उन इलाकों में लिए गए हैं, जहां पर पिछले साल सबसे अधिक डेंगू के मरीज मिले थे। इसके अलावा 209 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी जमा पानी हटाया नहीं जा रहा है।
ट्रांसपोर्टनगर में जमा पानी कब निकलेगा
ट्रांसपोर्टनगर के मुक्तेश्वर नाथ मंदिर के पास खाली पड़े प्लाॅट पर साफ पानी जमा है, जो पिछले तीन दिनों से है। इस पानी के निकलने का इंतजाम भी नहीं किया गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर में टायर में साफ पानी जमा है। इसके लिए कुछ टायर व्यापारियों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस दिया है। इसके बाद भी यह जमा पानी हटाया नहीं गया है। इसकी वजह से इन इलाकों में डेंगू का खतरा मंडराना शुरू हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर साल पानी जमा होता है, लेकिन उसके निकालने की व्यवस्था न तो नगर निगम करता हैं और न ही स्वास्थ्य विभाग कोई पहल करता है। यही कारण है कि हर साल इन इलाकों से डेंगू के लार्वा पनपते हैं।
इन इलाकों से लिए गए लार्वा के नमूने
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि पिछले साल बेतियाहाता, ट्रांसपोर्टनगर, बिछिया कॉलोनी, तेजपुर जैसे इलाकों में डेंगू के मरीज मिले थे। इस साल भी जो तीन मरीज मिले हैं, वह इन्ही इलाकों के रहने वाले हैं। यही वजह है कि इस बार इन इलाकों में बारिश के बाद तत्काल एंटी लार्वा जांच के लिए नमूना ले लिया गया है। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट आने के तत्काल बाद एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा।
डेंगू के लक्षण
डेंगू का सबसे सामान्य लक्षण आंखों के पीछे तेज दर्द होना है, जो आंखों को घुमाने से और भी बढ़ जाता है। अचानक तेज सिरदर्द व तेज बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना व उल्टी होना, त्वचा पर चकत्ते उभरना और गंभीर स्थिति में नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना डेंगू का प्रमुख लक्षण है।
फ्रिज की ट्रे से मिले थे डेंगू के लार्वा
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की बैक ट्रे, फूलदान आदि से नमूने लिए गए हैं। पिछले साल बेतियाहाता में फ्रिज की बैक ट्रे से डेंगू के लार्वा मिले थे। बताया कि जहां-जहां नमूने लिए गए हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वह सप्ताह में एक बार खाली करके धूप में सुखाएं और तभी प्रयोग करें। नारियल का खोल, टूटे बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें।
एडिज नामक मच्छर के काटने से होता है डेंगू
डेंगू बीमारी एडिज नामक मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर सामान्यता दिन में काटता है और इसे पनपने के लिए एक चम्मच साफ पानी का ठहराव भी काफी होता है। अगर इन मच्छरों से बचाव किया जाए तो डेंगू का प्रसार भी रोका जा सकता है। गर्भवती, ह्रदय रोगी, हाई बीपी और मधुमेह रोगियों में डेंगू के लक्षण दिखें तो और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
नगर निगम कराए साफ-सफाई
नगर निगम को साफ-सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर साफ पानी जमा नहीं होगा तो डेंगू के मच्छर नहीं पनपेंगे, लेकिन नगर निगम इस पर ध्यान नहीं देता है। इसकी वजह से हर साल इस इलाके में डेंगू के मरीज मिलते हैं।
-रूप चंद, ट्रांसपोर्टनगर
इस मौसम में छिड़काव जरूरी
बारिश की वजह से हर जगह पानी जमा हो रहा है। इसकी वजह से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। यह इलाका हर साल डेंगू से प्रभावित रहता है। ऐसे में छिड़काव सबसे जरूरी है। लेकिन इस पर न तो स्वास्थ्य विभाग ध्यान देता है न ही नगर निमम।
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आनंद कुमार, मुकेतश्वरनाथ मंदिर
पांच वर्षों में डेंगू के सर्वाधिक 318 मरीज पिछले साल मिले थे। राहत की बात यह थी कि डेंगू के कारण कोई भी मौत नहीं हुई । इस दौरान 56135 सोर्स रिडक्शन किए गए। इनमें सबसे ज्यादा कूलर, गमले और टायर थे, जहां से एंटी लार्वा भी मिले थे। इस साल भी एंटी लारवा के लिए नमूने लिए गए हैं। साथ ही 208 लोगों को नोटिस दिया गया है। इस साल डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं।
-डॉ. आशुतोष कुमार दूबे, सीएमओ