- पिपराइच रोड पर छितौनी गांव के पास सड़क चौड़ीकरण को लेकर किया सीमांकन
- सीमांकन प्रक्रिया में ग्रामीणों ने किया सहयोग, पादरी से सिधावल तक 29 मीटर होगी सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
पिपराइच।
असुरन चौक से पिपराइच तक सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। सोमवार को भी पीडब्लूडी की टीम ने पिपराइच रोड पर छितौनी गांव के पास सीमांकन कर मकानों व जमीन पर लाल निशाना लगाया। सीमांकन प्रक्रिया कर रही टीम का स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग किया। पादरी से सिधावल तक यह सड़क 29 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी। इसके लिए सड़क के दोनों तरफ 14.5-14.5 मीटर पर निशान लगाया गया।
असुरन चौक से पिपराइच तक 19.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनना है। पीडब्लूड सड़क निर्माण को लेकर सीमांकन कर रही है। इसके लिए 19 अभियंता लगाए गए हैं। इस मार्ग पर करीब 10 किमी सर्वे काम पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे से मुआवजा राशि का मूल्यांकन किया जाएगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद बैनामा व मुआवजा भुगतान का कार्य होगा। इसके बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। सोमवार को पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता मुकेश पासी, रविकांत यादव, सीमा गोंड, सत्येंद्र कुमार, अखिल कसौधन व राजस्व कर्मी बबिता सिंह आदि की संयुक्त टीम ने पिपराइच रोड पर छितौनी गांव के पास सर्वे का काम पूरा किया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ 14.5-14.5 मीटर नाप कर भूमि, भवन पर निशान लगाया।
मुख्यमंत्री से आज गुहार लगाएंगे जंगल धूसड़ के लोग
पिपराइच। असुरन चौक से शुरू होकर पिपराइच तक बन रहे फोरलेन रोड से प्रभावित जंगल धूसड़ के ग्रामीण मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। लोग सोमवार को भी गोरखनाथ मंदिर स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन वहां किसी को कोई पत्रक नहीं दिया। इसके पूर्व ग्रामीणों ने बैठक करके रणनीति तैयार की। लोगों का कहना है तिनकोनिया रेंज कार्यालय के पास एक तरफ पर्याप्त जगह होने के बावजूद सघन आबादी में जमीन की पैमाइश की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी की ओर से शनिवार को फोरलेन सड़क के लिए जमीन की पैमाइश की जा रही थी। तभी ग्रामीणों ने विरोध जताकर पैमाइश रोक दी। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विधायक महेंद्र पाल सिंह के आवास पर उनसे मिलकर समस्या बताई। तो उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बात कर समस्या हल करने की बात कही। लोगों ने विधायक को बताया कि एक ओर पूरी जमीन खाली है। उधर, नापजोख करने के बजाय पीडब्ल्यूडी की ओर से वहां जमीन ली जा रही है, जहां लोगों के मकान बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में मार्ग के बीच से दोनों तरफ 14-14 मीटर पैमाइश कर चिन्हांकन किया गया था। लेकिन अब नए सिरे से सड़क के दक्षिण दिशा में वन विभाग की भूमि बताकर उत्तर दिशा में 22 पैमाइश की जा रही है। सड़क सीधा करने के नाम पर एक तरफ जमीन छोड़कर दूसरे तरफ सड़क की पैमाइश की जा रही है, जबकी गोड़धोईया नाला और महुआ तिराहे के पास सड़क टेढ़ी है। वहां ऐसा नहीं किया जा रहा है। इसलिए समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिलेंगे। संवाद
पिपराइच में बाईपास निर्माण को लेकर निकाला मार्च
पिपराइच। पिपराइच कस्बे को बचाने के लिए फोरलेन बाईपास का निर्माण करने की मांग को लेकर व्यापारियों ने सोमवार को संघर्ष समिति के नेतृत्व में पैदल मार्च किया। इस दौरान लोगों ने चुंगी तिराहे पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल रहे। लोगों का कहना है कस्बे के बाहर से बाईपास बनाए जाने से किसी का नुकसान नहीं होगा। लोगों को एक नया विकल्प भी मिल जाएगा।
पिपराइच में फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। लेकिन स्थानीय व्यापारी इसे कस्बे के बाहर बाईपास के रूप में बनाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में व्यापारी सिधावल के एक मैरेज हाल में जुटे। वहां से पैदल मार्च करते हुए प्रभावित क्षेत्र विजय चौक, भटहट रोड, अनुराधा तिराहा होते हुए चुंगी तिराहे पर पहुंचे। पैदल मार्च नेतृत्व कर रहे पंकज गुप्ता ने कहा कि कस्बे के भीतर फोरलेन निर्माण होने से लोगों के सामने रोजीरोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी। इस दौरान सभासद अनिल मद्धेशिया, डॉ. रमेश गुप्ता,पूर्व सभासद हरिओम जायसवाल, धर्मवीर जायसवाल, मुन्ना वर्मा, पंकज मद्धेशिया, रविन्द्र सिंह गूड्डू ,चन्दन गुप्ता, नन्द किशोर मिश्र, पंकज मद्धेशिया, भरत सिंह, विजय जायसवाल, विरेंद्र गुप्ता, कन्हैया, पवन गुप्ता आदि लोग शामिल रहे।