गोरखपुर जिले के खजनी ब्लॉक के सुरैनी गांव में शौचालय निर्माण में 20 लाख चार हजार रुपये का गबन सामने आया है। शिकायत के बाद हुई जांच में पता चला कि गांव में संबंधित लाभार्थियों के शौचालय बनवाए ही नही गए और खाते से रकम निकाल ली गई। गंभीर बात तो यह है कि इस मामले में डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने 25 जून 2021 को एडीओ पंचायत को मामले में दोषी पाए गए पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था मगर अभी तक मुकदमा नहीं दर्ज हुआ।
सुरैनी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण में धांधली को लेकर पहले ब्लॉक और फिर जिले के अधिकारियों से शिकायत की थी। इसपर डीपीआरओ ने एक जनवरी 2021 को ही एडीओ पंचायत परमात्मा पांडेय के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित कर शौचालय जांच करने का निर्देश दिया था।
आरोप है कि जांच में मौके पर 167 शौचालय बनने की पुष्टि नहीं हुई जबकि पूर्व प्रधान संतराज यादव व तत्कालीन सचिव रमेश कुमार द्वारा 20 लाख 4 हजार रुपये ग्राम निधि खाते से निकाल लिए गए। जांच में इसकी पुष्टि होने पर 25 जून को डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को पूर्व प्रधान व सचिव पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। एडीओ पंचायत परमात्मा पांडेय का कहना है कि ग्राम प्रधान व सचिव ने शौचालय बनवाने की बात कही है। निरीक्षण कर देखा जाएगा कि सभी शौचालय बने है या नहीं। यदि बने हुए नहीं मिले तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने एडीओ पंचायत को लिखकर बताया है कि कोरोना काल की वजह से शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका। अब निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। जल्द ही सभी शौचालय पूरे करा लिए जाएंगे। कुछ दिन बाद मौके का निरीक्षण कर सत्यापन कराया जाएगा कि शौचालय बने या नहीं। यदि निर्माण पूरा नहीं मिला तो निश्चय ही कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।