कैंपियरगंज के रामचौरा स्थित हाईवे के पास स्थित मोती महल होटल 12.50 डिसमिल जमीन पर बना है। इसमें होटल मालिक की जमीन कुल तीन डिसमिल ही है। बाकी जमीन दूसरे काश्तकारों की है, जिसे खुश्की बैनामा के तहत लिया गया है।
सूत्रों की मानें तो होटल मालिक दिलीप यादव ने इन काश्तकारों से समझौते के तहत उनकी जमीन ले ली, लेकिन बैनामा नहीं कराया। यही कारण है कि एसडीएम की ओर से नोटिस जारी होने के बाद भी होटल का सराय एक्ट में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया।
वहीं, कैंपियरगंज में ही ब्लू स्टार होटल व रेस्टोरेंट की जांच में अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट नहीं आई है। इस होटल का भी मानचित्र स्वीकृत नहीं है। ऐसे में दोनों होटलों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन की जांच में अब अनियमितताएं सामने आने लगी हैं। राजस्व विभाग की जांच के मुताबिक, मोती महल होटल तीन गाटा नंबर 901, 902 और 903 की जमीन पर बना है।
इसमें दिलीप यादव के नाम तीन डिसमिल बैनामा है और बाकी जमीनें दूसरे काश्तकारों की हैं। हालांकि, इनके बीच समझौता हुआ है लेकिन बिना बैनामा के होटल के दस्तावेज पूरे नहीं माने जाएंगे। साथ ही बिजली का उपभोग भी स्वीकृत लोड से ज्यादा पाया गया है। प्रशासन अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।
एसडीएम रोहित मौर्य ने बताया कि मोती महल होटल की जांच में कई बिंदुओं को शामिल किया गया था, सभी रिपोर्ट आ गई है। होटल मालिक के नाम तीन डिसमिल जमीन ही बैनामा है, लेकिन उन्होंने समझौता करके दूसरे लोगों से जमीन ली है।
किसी की तरफ से जमीन पर कब्जा या अतिक्रमण की शिकायत नहीं आई है। रिपोर्ट के आधार पर होटल को सील किया गया है। दूसरे होटल ब्लू स्टार की जांच में कुछ रिपोर्ट बाकी है। सारी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।