- विशेषज्ञों का कहना - सजावट में इस्तेमाल करें प्राकृतिक चीजें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेस्टोरेंट और होटलों में सजावट के नाम पर डेकोरेटिव आइटम (साज-सज्जा के सामान) के बढ़ते उपयोग से आग लगने का खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक आधारित सजावटी सामग्री, फोम बोर्ड, फाइबर शीट, नकली वुड पैनल और अन्य सिंथेटिक आइटम आग को भड़काने और तेजी से फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में भवन संचालकों को आकर्षक लुक के बजाए सुरक्षित सामग्री को प्राथमिकता देनी चाहिए।
आर्किटेक्ट हिमांशु आर्य बताते हैं कि प्लास्टिक पैनलिंग देखने में सुंदर और सस्ती जरूर होती हैं लेकिन यह आग को तेजी से फैलाती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट में प्राकृतिक सामग्री जैसे-सीमेंट पैनल, टेराकोटा टाइल्स, लकड़ी की प्लाई और मिट्टी से बने सजावटी तत्वों का उपयोग अधिक सुरक्षित विकल्प है। दक्षिण भारत में दुकानों और कैफे में प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इससे न सिर्फ वातावरण ठंडा रहता है बल्कि आग का जोखिम भी काफी कम होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार आग लगने का कारण सजावट नहीं, बल्कि एसी या इलेक्ट्रॉनिक फॉल्ट होते हैं। इसलिए एसी की नियमित सर्विस, वायरिंग की समय-समय पर जांच और वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाना हर व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए अनिवार्य होना चाहिए।