गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 350 महाविद्यालयों में विषम सेमेस्टर परीक्षा के बदले पैटर्न पर सोमवार को कुलपति प्रो. केपी सिंह ने मंथन किया। कुलपति कार्यालय में हुई बैठक में परीक्षा को लेकर कई विकल्पों पर चर्चा हुई लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अब परीक्षा विभाग की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार या बुधवार तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
बैठक में प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर की परीक्षा के लिए तीन प्रमुख विकल्पों पर विचार किया गया। इनमें आधा प्रश्नपत्र एमसीक्यू और आधा वर्णनात्मक रखने, पूरी परीक्षा एमसीक्यू आधारित कराने और पूरी परीक्षा वर्णनात्मक रखने का सुझाव शामिल रहा। कुलपति ने परीक्षा विभाग से मंगलवार तक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
रिपोर्ट में पैटर्न बदलने की स्थिति में मूल्यांकन व्यवस्था पर पड़ने वाले असर, उपलब्ध संसाधनों और विद्यार्थियों की संख्या का ब्योरा मांगा गया है। इसका अध्ययन करने के बाद कुलपति किसी एक विकल्प पर निर्णय ले सकते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय समेत 350 संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की निगाह अब प्रशासन के अगले आदेश पर है।
गौरतलब है कि बहु विकल्पीय आधारित परीक्षा से वर्णनात्मक परीक्षा की ओर किए गए बदलाव के बाद विद्यार्थी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक की सेमेस्टर परीक्षाओं में एमसीक्यू पैटर्न के अनुरूप तैयारी की गई है। ऐसे में अचानक बदलाव से परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हुई है। सोमवार की बैठक के बाद फिलहाल प्रशासन ने सभी विकल्प खुले रखे हैं।