फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही से गई जान: गोरखपुर में प्रसव के बाद महिला व नवजात की मौत, हंगामे के बाद अस्पताल सील

Wed, 23 Aug 2023 10:19 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

नगर पंचायत चौमुखा (कैंपियरगंज) के वार्ड नंबर-14 रामनगर निवासी शैलेष चौरसिया की पत्नी सुनीता (32) सोमवार को कैंपियरगंज के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराई गई थीं। मंगलवार की सुबह प्रसव के लिए सुनीता का ऑपरेशन किया गया। घरवालों के अनुसार प्रसव के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई।
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर जिले में कैंपियरगंज इलाके के मां दुर्गा हाॅस्पिटल में मंगलवार की सुबह प्रसव के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। बाद में प्रसूता की हालत बिगड़ने पर नर्सिंग होम संचालक उसे चिलुआताल क्षेत्र में चलने वाले अपने दूसरे नर्सिंग होम ले गया, जहां शाम को उसकी मौत हो गई।

विज्ञापन


इसके बाद परिजन और ग्रामीण कैंपियरगंज स्थित अस्पताल पहुंच कर हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने अस्पताल को खाली कराकर सील कर दिया। पुलिस ने प्रसूता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत चौमुखा (कैंपियरगंज) के वार्ड नंबर-14 रामनगर निवासी शैलेष चौरसिया की पत्नी सुनीता (32) सोमवार को कैंपियरगंज के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराई गई थीं। मंगलवार की सुबह प्रसव के लिए सुनीता का ऑपरेशन किया गया। घरवालों के अनुसार प्रसव के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: बारिश के बीच बिजली गुल, 20 हजार घरों में रहा अंधेरा

वह लोग कुछ समझ पाते, तब तक अस्पताल संचालक ने प्रसूता की हालत गंभीर बताते हुए गोरखपुर के बड़े अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने की बात कही, लेकिन उसे गोरखपुर शहर के बजाय चिलुआताल क्षेत्र स्थित अपने एक अन्य नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। शाम चार बजे प्रसूता की भी मौत हो गई। एसओ चिलुआताल संजय कुमार मिश्र ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।

विज्ञापन

हंगामा हुआ तब सक्रिय हुआ प्रशासन

अस्पताल संचालक महिला के परिजनों को कैंपियरगंज से चिलुआताल लेकर आ गया था। यहां पुलिस ने संचालक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण कैंपियरगंज स्थित अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे।

इसे भी पढ़ें: 13 साल से फरार चल रहा शख्स गिरफ्तार, खास प्लान बनाकर पुलिस की पहुंच से था दूर

इसकी जानकारी होने पर एसडीएम अमित कुमार जायसवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों की बात सुनने के बाद एसडीएम ने अस्पताल को खाली कराकर सील कर दिया। एसडीएम ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। अस्पताल की मान्यता, डॉक्टर की उपस्थिति आदि की जांच की जाएगी।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें