गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हुई बोलेरो पलटने की घटना के बाद शुक्रवार को मुख्य गेट पर काफी सख्ती रही। विद्यार्थियों के वाहनों को प्रवेश नहीं मिला। गेट पर गार्ड द्वारा गाड़ी रोकने पर कुछ छात्रों ने विरोध किया और गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। लगभग एक घंटे तक विश्वविद्यालय का गेट बंद रहा, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानी हुई।
डीडीयू में छात्रों के लिए किसी भी प्रकार का वाहन ले जाना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को बोलेरो में सवार दो छात्र मेन गेट पर गार्डों को चकमा देकर अंदर घुस गए थे। इसको लेकर शुक्रवार को विश्वविद्यालय नियंता मंडल ने शुक्रवार को चेकिंग अभियान चलाया और गेट पर विद्यार्थियों के वाहनों को रोका। कुछ विद्यार्थी फिर भी जबरदस्ती या चकमा देकर घुस गए।
दोपहर तीन बजे के करीब छात्र नेता प्रतीक तिवारी और सत्यम गोस्वामी दो पहिया वाहन लेकर अंदर जा रहे थे। वहां पर गार्डों ने रोका तो उनसे नोकझोंक हो गई। गुस्साए छात्रों ने गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। चार बजे के करीब एसएचओ कैंट रणधीर मिश्रा ने आकर छात्रों को समझाया और प्रदर्शन खत्म कराया।
एक छात्र संगठन के वाहनों को प्रवेश
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता प्रतीक तिवारी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में यदि विद्यार्थियों के वाहनों का प्रवेश वर्जित है, तो यह नियम सभी पर लागू होना चाहिए, लेकिन एक विशेष छात्र संगठन के वाहनों को प्रवेश दे दिया जाता है और हमारे वाहन को पुलिस चौकी पर भेज दिया जाता है। सत्यम गोस्वामी ने कहा कि या तो किसी भी छात्र के वाहन को प्रवेश न मिले और नहीं तो सभी को दिया जाए।
एक साथ बंद रहे दोनों गेट
तीन बजे के बाद विद्यार्थी परिसर से बाहर आते हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मेन गेट के साथ ही उत्तरी गेट को भी बंद कर दिया था। केवल पैदल चलने वाले लोग ही परिसर से बाहर निकल पाए। चार बजे के करीब जब मुख्य नियंता बाहर आए तो प्रदर्शन कर रहे छात्रों से उनकी नोकझोंक भी हो गई।
विश्वविद्यालय परिसर में जबरदस्ती वाहन लेकर प्रवेश करने वालों की सूची तैयार की गई है। इनकी गाड़ी का नंबर पुलिस को दिया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के वाहन का प्रवेश वर्जित है। गेट पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जाएगा, जिससे इनपर नजर रखी जा सके।
-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय