गोरखपुर विश्वविद्यालय और सीआईडीसी के बीच हुआ करार
- अनुबंध से छात्रों को स्किल डेवलपमेंट का मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। युवाओं की क्षमता विकास के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल के बीच करार किया गया। विश्वविद्यालय की तरफ से प्रो. पूनम टंडन और सीआईडीसी की तरफ से डॉ. पवन कुमार मिश्र, निदेशक ने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट पालिसी, 2014 में सीआईडीसी को दो करोड़ युवाओं का स्किल डेवलपमेंट का लक्ष्य प्रदान दिया गया है और नई शिक्षा नीति में भी सभी विद्यार्थियों को किसी ना किसी विधा में कौशल प्राप्त करना है। इस संदर्भ में योजना आयोग, भारत सरकार द्वारा स्थापित और वर्तमान में नीति आयोग, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत सीआईडीसी विश्वविद्यालय के छात्रों, विशेषकर इंजीनियरिंग के छात्रों को विशेष अवसर उपलब्ध कराएगी।
कुलपति ने बताया की इस अनुबंध से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे। सीआईडीसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था है जिससे यहां के विद्यार्थियों के लिए पूरे देश के विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त होंगी। सीआईडीसी द्वारा अद्यतन क्षेत्रों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे, जिससे फैकल्टी को इंडस्ट्री से संबंधित तकनीक का विशेष ज्ञान प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी, निदेशक आईईटी प्रो. उमेश यादव, शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्य एवं चयन एवं आकलन प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. राजर्षि गौर, प्रो. राजवंत गुप्ता, भौतिकी विभाग से डाॅ. कृपा मणि मिश्रा, अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग से राजीव रंजन तिवारी आदि उपस्थित रहे।