- डीडीयू सहित प्रदेश के छह विश्वविद्यालय ही बना सके हैं रैंकिंग में स्थान
- अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के मानकों पर खरा उतरा विश्वविद्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नैक से ‘ए प्लस-प्लस’ ग्रेड और क्यूएस दक्षिण एशिया रैंकिंग में 258 रैंक हासिल करने वाले दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। उसे विश्वस्तरीय सीमैगो जर्नल एंड कंट्री रैंकिंग में 190वीं रैंक मिली है। इस रैंकिंग में भारत के 268 उच्च शिक्षण संस्थानों ने स्थान बनाया है। इनमें गोरखपुर विश्वविद्यालय को समग्रता में 190वीं रैंक मिलना विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि संपूर्ण पूर्वांचल के लिए गौरव की बात है।
इस रैंकिंग में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अनुसंधान श्रेणी में 201वीं, इनोवेशन श्रेणी में 128वीं और सामाजिक श्रेणी में 250वीं रैंक हासिल की है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलावा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ, लखनऊ विश्वविद्यालय सहित केवल छह विश्वविद्यालय ही इस विशिष्ट रैंकिंग में स्थान बना पाए हैं।
सीमैगो रैंकिंग में उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन प्रकाशित सामग्री और अन्य पत्रिकाओं में उन संस्थानों के उल्लेख के आधार पर किया जाता है। रैंकिंग के निर्धारण में संस्थानों के अनुसंधान प्रदर्शन, नवाचार आउटपुट और वेब दृश्यता और सामाजिक प्रभाव का ध्यान रखा जाता है। रैंकिंग करने वाली संस्था अनुसंधान को 50 प्रतिशत, नवाचार को 30 प्रतिशत और सामाजिक प्रभाव को 20 प्रतिशत महत्व देती है। विश्वविद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इन मानकों को विश्वविद्यालय खरा उतरा है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि रैंकिंग में संस्थानों को चार क्यू-1, क्यू-2, क्यू-3 और क्यू-4 चार वर्ग में बांटा गया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय क्यू-2 श्रेणी में स्थान बनाने में सफल रहा है। यह अकादमिक, अनुसंधान और सामाजिक प्रभाव में उत्कृष्टता के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।