कार्य परिषद की तिथि घोषित करने के बाद एजेंडा किया जा रहा तैयार
प्रो. कमलेश गुप्त 17 महीने से झेल रहे निलंबन का दंश, कोर्ट ने दिया है बहाली का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कार्य परिषद की बैठक 24 जनवरी को निर्धारित की गई है। इसे लेकर एजेंडा तैयार किया जा रहा है। तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाते हुए मोर्चा खोलने के कारण तीसरी बार निलंबन झेल रहे प्रो. कमलेश कुमार गुप्त की बहाली पर मुहर लग सकती है।
विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के निलंबित चल रहे प्रो. कमलेश गुप्त ने वर्ष 2021 में तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाते हुए 21 दिसंबर 2021 को सत्याग्रह शुरू किया था। वह तत्कालीन कुलपति को पदमुक्त किए जाने और उनके खिलाफ जांच की मांग कर रहे थे।
सत्याग्रह के बाद ही डीडीयू प्रशासन ने विभिन्न आरोपों में प्रो. कमलेश को निलंबित कर दिया था। जून 2023 में हाईकोर्ट ने डीडीयू प्रशासन को आदेश दिया कि प्रो. कमलेश गुप्त को बहाल किया जाए। हाईकोर्ट के आदेश पर डीडीयू प्रशासन ने उन्हें बहाल तो किया लेकिन चार दिन बाद फिर से निलंबित कर दिया था।
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हाईकोर्ट ने सभी आरोपों को किया था खारिज
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीते 21 नवंबर को प्रो. कमलेश गुप्त पर डीडीयू प्रशासन द्वारा की जा रही सभी कार्रवाइयां समाप्त कर दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्य परिषद से प्रो. कमलेश गुप्त की बहाली होनी है।
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दो वर्षों में 17 माह रहे निलंबित
प्रो. कमलेश गुप्त 28 जून 2023 से ही निलंबित चल रहे हैं। इससे पहले वे तीन अक्तूबर 2022 से 24 जून 2023 तक निलंबित रहे। वह पहली बार 21 दिसंबर 2021 से आठ फरवरी 2023 तक निलंबित थे। यानी अब तक वह 17 महीने निलंबित रह चुके हैं।
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कार्यपरिषद में जाएंगे 50 से अधिक मुद्दे
डीडीयू के सूत्रों के मुताबिक कार्य परिषद की बैठक में 50 से अधिक मुद्दे रखे जाएंगे। इसमें कई मुद्दे डीडीयू प्रशासन के लिए बेहद अहम हैं, जबकि ज्यादातर सामान्य प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं। एजेंडा अगले एक-दो दिनों में तैयार हो जाएगा।