संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उमस भरी गर्मी में बिजली संकट गहराता जा रहा है। जिले में ट्रांसफार्मरों के जलने का सिलसिला लगातार जारी है। विभाग का दावा है कि समय से ट्रांसफार्मर बदल दिए जा रहे हैं। हकीकत इससे दूर है।
कस्बों से लेकर गांवों तक ट्रांसफार्मर जलने से आपूर्ति ठप हो जा रही है। उमस भरे मौसम में न पंखे चल पा रहे हैं और न ही पानी की मोटरें। ऐसे में लोगों को दुहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी बिजली निगम कई दिनों तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाता। वहीं, जिन गांवों के लोग चंदा करके भाड़ा व अन्य खर्च उठा लेते हैं, वहां जल्दी ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है।
वर्कशॉप के सहायक अभियंता रोहित पांडेय का कहना है कि वर्कशॉप में 24 घंटे मरम्मत और फिटिंग का कार्य चल रहा है। निगम का दावा है कि 24 से 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी हालात इसके विपरीत हैं। कई गांवों में उपभोक्ताओं को हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता है।
छह दिन से अंधेरे में सरौरा गांव : बरियारपुर संवाद के अनुसार, े सरौरा गांव का ट्रांसफाॅर्मर छह दिन पहले जल गया। तब से पूरा गांव अंधेरे में डूबा है। भीषण गर्मी में पंखे-कूलर बंद हैं और पानी की मोटरें भी ठप पड़ी हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जेई संजीव उपाध्याय का कहना है कि जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
हफ्तों लग रहा ट्रांसफार्मर बदलने में बरहज : तहसील परिसर से लेकर 200 गांवों को आपूर्ति देने वाले महेन विद्युत कार्यालय क्षेत्र में भी ट्रांसफार्मर बदलने में हफ्तों लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार दो से तीन दिन में ट्रांसफार्मर बदलने का दावा करती है, लेकिन हकीकत में सात से दस दिन लग जाते हैं। देवपार और बरांव गांव में हाल ही में कई दिन इंतजार करना पड़ा। भाटपार रानी क्षेत्र में कई गांवों में संकट भाटपार रानी। क्षेत्र के दास नरहिया, अहिरौली बघेल, बभनौली, शंभू बनकटा और खारीडीह गांवों में ट्रांसफाॅर्मर दो हफ्ते से जले पड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राइवेट लाइनमैन पैसा कमाने के लिए गलत तरीके से तार जोड़ देते हैं, जिससे बार-बार ट्रांसफार्मर जल रहा है।
चंदा देने वाले गांवों में ट्रांसफार्मर जल्दी बदल जाता है, जबकि अन्य को हफ्तों इंतजार करना पड़ता है।
दो साल से जला पड़ा देवसिया गांव का ट्रांसफार्मर : भागलपुर। देवसिया गांव के निषाद बस्ती में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण तो हो गया, लेकिन सप्लाई शुरू होते ही ट्रांसफार्मर जल गया।
दो साल से नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। उपभोक्ता बिल चुकाने के बावजूद अंधेरे में हैं। ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत की, जिस पर आदेश हुआ है कि जल्द ट्रांसफाॅर्मर लगाया जाए।