बड़हलगंज इलाके के मदरहा नकटा टोला में शुक्रवार की सुबह दूरसंचार विभाग से रिटायर एसडीओ अनंत साहनी की पत्नी चंद्रावती देवी (70) की संपत्ति विवाद में गला रेत कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि दूसरे नंबर की बेटी संगीता ने बेटे विपिन और बहू के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
विज्ञापन
यूं तो रिटायर्ड एसडीओ अनंत साहनी और चंद्रावती की छह बेटियां हैं मगर दूसरे नंबर की बेटी संगीता पर उन्हें ज्यादा भरोसा था। उसी के साथ लंबे समय तक दोनों रहे भी। माता-पिता का विश्वास जीतकर ही संगीता ने गहने हड़पे, फिर छह बीघा जमीन का वरासत करा लिया। इतना ही नहीं बैंक में जमा रुपये में वह सह खातेदार भी बन गई थी।
करीब छह महीने पहले संगीता के बेटे विपिन की कुछ बातें अनंत को खटक गईं और फिर बेटी की नीयत पर संदेह होने लगा। इसी वजह से वह गांव में ही बने तीसरे मकान में रहने लगे। बड़ी बेटी गीता को सहारा बनाया और अन्य बेटियां भी आने लगी थीं।
विज्ञापन
छोटी बेटी छाया के मुताबिक, माता-पिता संगीता के ज्यादा करीब हो गए थे, इस वजह से अन्य बहनें मां बाप से दूर हो गई थीं लेकिन बड़ी बहन के घर लौटने के बाद फिर से बहनें आने जाने लगी थीं। इसी बात को लेकर संगीता को यह डर सताने लगा था कि कहीं पिता वरासत ना बदल दें और सह खातेदारी भी ना खत्म हो जाए।
पति की मौत के बाद स्थाई रूप से रहने लगी थी बेटियां
इसी बीच करीब तीन महीने पहले मां ने थाने पर प्रार्थना पत्र देकर बेटी पर जेवरात हड़पने का आरोप लगाया और वापस दिलाने की मांग की। इससे विवाद और गहरा हो गया। बृहस्पतिवार को संगीता के बेटे विपिन ने नानी चंद्रावती से संपत्ति में और हिस्सा मांगा। बात बिगड़ी और पुलिस भी पहुंची। आपसी विवाद समझकर पुलिस लौट आई, फिर शुक्रवार की सुबह चंद्रावती की हत्या कर दी गई।
गीता और संगीता दोनों के पति की मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद से ही दोनों स्थायी रूप से मां के नेवासे वाले गांव में ही रहने लगी थीं।
शव देखकर चीख पड़े अनंत
पति अनंत साहनी पत्नी चंद्रावती का कटा शव देकर चीख पड़े। बड़ी बेरहमी से उनके गले को काटा गया था। पुलिस ने उस आला कत्ल को बरामद भी कर लिया है, जिससे वारदात की गई थी।
पुलिस के सामने ही दी थी हत्या की धमकी
बड़हलगंज की चंद्रावती की हत्या को रोका जा सकता था। आरोप है कि पुलिस जब बृहस्पतिवार को विवाद को सुलझाने गई थी, तभी उसके सामने विपिन ने हत्या करने की बात कही थी लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। पुलिस की यह लापरवाही भारी पड़ी। शुक्रवार की तड़के चंद्रावती का गला रेत दिया गया।
चंद्रावती का शव ग्रामीणों ने सुबह करीब पांच बजे देखा। इसके बाद ही पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के मुताबिक चंद्रावती साढ़े चार बजे के करीब घर से निकली थीं। यानी हत्या की साजिश पहले ही रच ली गई थी और मौका पाते ही वारदात को अंजाम दिया गया है। जिस तरह से हत्या की गई है उससे आशंका है कि हत्या करने के बाद शव को लाकर फेंका गया है। कुछ दूर तक खून के निशान भी मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रावती की शादी बड़हलगंज तिवारीपुर के अनंत साहनी से हुई थी। चंद्रावती का मायका मदरहा नकटा टोला था, जहां कि उन्हें नेवासा (माता-पिता की संपत्ति) मिला था। चंद्रावती की छह बेटियां हैं। चार बेटियां ससुराल में रहती हैं।
दो बेटियां गीता और संगीता अपनी मां के साथ नेवासे पर रहती हैं। छह महीने पहले संपत्ति बंटवारे को लेकर संगीता का अपनी मां चंद्रावती से विवाद हो गया था। इस घटना के बाद चंद्रावती बड़ी बेटी गीता के घर चली गईं।
चंद्रावती की बेटी गीता, संगीता, छाया, पुष्पा, प्रेमलता, नीराश्रित सभी की शादी हो चुकी है। कोई बेटा ना होने की वजह से ही बेटियों को जमीन दी थी। अन्य बेटियां अपने ससुराल में रहती हैं लेकिन गीता और संगीता गांव में ही अलग अलग मकान बनवाकर रहती है। संगीता की शादी आजमगढ़ के अजमतगढ़ गांव में हुई थी मगर वह ससुराल में कुछ ही दिन रहने के बाद लौट आई थी। फिर पति और बच्चों के साथ यहीं पर रहने लगी।