एडीजी जोन दावा शेरपा ने कहा कि पुलिसवाले समय के साथ खुद को बदलें। हर चीज की उपयोगिता समय के साथ बदल जाती है। इसलिए पुलिसकर्मी खुद को अपग्र्रेड करें। पुलिसकर्मी कानून की किताबों को पढे़ं। कोई यह कहकर नहीं बच सकता कि हमें यह काम नहीं आता। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए हर किसी को तकनीक की जानकारी रखने की जरूरत है।
एडीजी जोन रविवार को अभियोजन निदेशालय की तरफ से साइबर क्राइम एंड इनफार्मेशन सिक्योरिटी एवं चेन ऑफ कस्टडी विषय पर एनेक्सी भवन में आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यशाला में मंडल के चारों जिलों गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया के सभी 88 थानों के विवेचक, इंस्पेक्टर और दरोगाओं ने हिस्सा लिया। इंस्पेक्टर और एसआई ने साक्ष्य संकलन के दौरान आने वाली व्यवहारिक समस्याओं पर सवाल पूछे।
कोर्ट में साक्ष्य पेश करने से लेकर मुकदमे के निस्तारण तक बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी ली। संचालन करते हुए एसपीओ बीडी मिश्रा ने कहा कि पुलिसकर्मी विवेचना के दौरान साक्ष्यों को मजबूत ढंग से एकत्रित करें, जिससे अपराधी बच न सकें और उसे सजा हो।
साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए
साइबर एक्सपर्ट एसआई महेश चौबे ने साइबर क्राइम और इनफार्मेशन सिक्योरिटी के बारे में जानकारी दी। लैचेंज इन इनवेस्टिगेशन एंड प्रास्कीक्यूशन चेन ऑफ कस्टडी, एप्रीसिएशन ऑफ एविडेंस के बारे में देवरिया के एसपीओ राजीव कुमार ने बताया। पाक्सो एक्ट में इनविस्टेगेशन अफसर की भूमिका, स्पीडी ट्रायल एंड प्रासीक्यूशन एवं प्रोटेक्शन ऑफ विटनेसेज इन आर्म्स एक्ट के बारे में भी विशेषज्ञों ने जानकारी दी। एडी अभियोजन गोरखपुर रेंज अजय कुमार सिंह की तरफ से आयोजित
कार्यशाला में सभी को प्रमाणपत्र भी दिया गया।
इस दौरान शशिशंकर राय, शशिकांत जायसवाल सहित अन्य साइबर विशेषज्ञों ने भी अपनी राय रखी। कार्यक्रम में डीआईजी राजेश डी मोदक, एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता, सीओ कैंट सुमित शुक्ला, कैंट इंस्पेक्टर रवि राय आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन काम करने के बाद वेबसाइट से लागआउट और साइन आउट जरूर करें
साइट पर अपने यूजर नेम और पासवर्ड को रिमेंबर के लिए सेव करने से बचें
किसी तरह के अहम डाटा और जानकारी का एक बैकअप हमेशा तैयार रखें
कंप्यूटर नेटवर्क के लिए सुरक्षा प्रोग्राम का इस्तेमाल जरूर करें
पासवर्ड को हमेशा अक्षरों और संख्याओं को मिलाकर बनाएं
ऐसा पासवर्ड रखें, जिसको तोड़ा न जा सके
सोशल साइट पर अपनी कोई भी निजी जानकारी शेयर करने से बचें
किसी तरह के फाइनेसिंयल लेनदेन के बाद अस्थाई इंटरनेट फाइल्स को जरूर डिलीट करें
साफ्टवेयर पैकेज को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ईमेल पर भरोसेमंद लिंक ही खोलें।