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Gorakhpur News: इमामबाड़ा इस्टेट से निकला मियां साहब का गश्ती जुलूस

Sun, 23 Jul 2023 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। मुहर्रम के तीसरे दिन शनिवार को इमाम हुसैन व शोह-दाए-कर्बला का जिक्र मस्जिदों में हुआ। वहीं इमामबाड़ा समेत इमाम चौकों पर ढोल-ताशे बजाए गए। इमाम इस्टेट से मियां साहब का गश्ती जुलूस निकला।
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माहे मोहर्रम की तीसरी तारीख पर शनिवार की देर शाम इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिमी फाटक से सैयद अदनान फर्रुख अली शाह मियां साहब का गश्ती जुलूस निकला, जो विभिन्न रास्तों से होते हुए इमामबाड़ा इस्टेट के उत्तरी फाटक की भीतर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान मियां साहब ने कहा कि इमामबाड़ा इस्टेट में मोहर्रम की तैयारी पूरी हो चुकी है। हम सभी लोगों की एक बार फिर से जिम्मेदारी बनती है कि अच्छे शहरी होने का सबूत पेश करें। मुहर्रम के साथ ही इस साल फिर पड़ने वाले सभी त्योहार व उत्सवों को मिलजुल कर मनाएं। किसी तरह की कोई नई परंपरा को शुरू न करें।



जुलूस में उनके प्रतिनिधि मंजूर आलम, इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद, मिन्नत गोरखपुरी ,जुल्फिकार अहमद, हाजी सोहराब खान, शकील शाही, सैयद साहबअहमद, तौकीर आलम, ख्वाजा शमसुद्दीन, हाजी अमीरुद्दीन, नेहाल सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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इमाम हुसैन ने दुनिया को दिया सब्र व इंसानियत का पैगाम



पहली मुहर्रम से शुरु हुआ ‘जिक्रे शोह-दाए-कर्बला’ की महफिलों का दौर तीसरी मुहर्रम को भी जारी रहा। ‘शोह-दाए-कर्बला’ का जिक्र सुन सबकी आंखें नम रहीं। शहर की एक दर्जन से ज्यादा मस्जिदों व घरों में कर्बला की दास्तान सुनी और सुनाई जा रही है। गोरखनाथ, रहमतनगर, तुर्कमानपुर आदि मोहल्ले के युवा रोजा रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं।



बेलाल मस्जिद इमामबाड़ा अलहदादपुर में कारी शराफत हुसैन कादरी ने कहा कि कर्बला की जंग दुनिया की पहली आतंकी कार्रवाई थी। इसमें शहीद हुए लोगों में छह माह के बच्चे से लेकर 78 साल के बुजुर्ग शामिल थे।



फैजाने इश्के रसूल मस्जिद शहीद अब्दुल्लाह नगर में मुफ्ती अख्तर हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन शहीद तो हो गए, लेकिन दुनिया को सब्र व इंसानियत का पैगाम दे गए। मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि मुसलमानों पर अमीरुल मोमिनीन हजरत अली, हजरत फातिमा, हजरत हसन व हजरत हुसैन से मुहब्बत रखना वाजिब है।



सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद ने कहा कि हम हजरत सैयदना इमाम हुसैन की कुर्बानी को नहीं भूल सकते। नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना असलम ने कहा कि पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब ने अपने नवासे हजरत सैयदना इमाम हुसैन की पैदाइश के साथ ही आपके शहादत की खबर दे दी थी। मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर में मौलाना रियाजुद्दीन ने कहा कि ‘शोह-दाए-कर्बला’ ने दुनिया को सब्र व इंसानियत का एक अजीम पैगाम दिया है। इसी तरह अन्य मस्जिदों में ‘जिक्रे शोह-दाए-कर्बला’ महफिल हुई। अंत में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमनो अमान की दुआ मांगी गई।



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आज निकलेगा चौथी का जुलूस



शहर के विभिन्न मुहल्लों से रविवार को चौथी मुहर्रम का जुलूस निकलेगा। इसकी तैयारी हो चुकी है। इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिलाध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने बताया कि परंपरागत जुलूस इमामबाड़ा रहमतनगर, घासीकटरा, गाजी रौजा, खोखर टोला, इलाहीबाग आदि जगहों से निकलेगा।



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फल का किया वितरण



गौसे आजम फाउंडेशन ने दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल सहित कई जगहों पर इमाम हुसैन की याद में फल बांटा। इसमें जिलाध्यक्ष समीर अली, हाफिज अमन, मो. फैज, मो. जैद मुस्तफाई, अमान अहमद, मो. आसिफ, मो. जैद चिंटू, अली गजनफर शाह अजहरी, अमान अहमद आदि ने हिस्सा लिया।
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