गुरू गोरक्षनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे श्रद्धालु
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मकर संक्रांति के बाद पड़ने वाले बुढ़वा मंगल पर गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु बाबा को श्रद्धा की खिचड़ी अर्पित करने के बाद खिचड़ी के मेले का आनंद ले रहे हैं। मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर का कपाट खुलने के साथ ही बाबा को आस्था की खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
ठंड के बीच श्रद्धालु कतार में लगाकर बाबा को खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। बुढ़वा मंगल के दिन गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन व खिचड़ी चढ़ाने का विशेष महात्म्य होता है। जो लोग खिचड़ी के दिन या उसके बाद किन्हीं कारणों से खिचड़ी नहीं चढ़ा पाते हैं वे बुढ़वा मंगल के दिन चढाते हैं।
खिचड़ी पर्व के दूसरे मंगलवार को बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ एवं मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी कहते हैं कि मान्यता है कि बुढ़वा मंगल के दिन श्रद्धालुओं द्वारा खिचड़ी चढ़ाना उतना ही पुण्यकारी होता है, जितना मकर संक्रांति के दिन।
कालातंर से बुढ़वा मंगल की परम्परा चली आ रही है। इस दिन दूर दराज से श्रद्धालु मन्दिर में दर्शन के लिए आते है। गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाते हैं। बुढ़वा मंगल पर महायोगी भगवान गोरखनाथ को ब्रह्ममूहुर्त में खिचड़ी चढ़ाई जाएगी। बुढ़वा मंगल पर्व को लेकर मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
मंगलवार की सुबह 4 बजे से ही खिचड़ी चढ़ाए जाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी का भंड़ारा भी आयोजित होगा। श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन एवं पुलिस की सुरक्षा इंतजाम के अलावा गोरक्षपीठ ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए योगी सेवक की तैनाती की है।
गोरखनाथ मेले में उमड़ रहे श्रद्धालु
गोरखनाथ मंदिर में चल रहे मकर संक्रांति के मेले में गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्रों और पूर्वांचल के दूसरे जिलों से भी श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला जारी है।मंगलवार को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ा कर मेले का आनंद उठाया। झूले, सर्कस समेत लजीज व्यंजन और खरीददारी का आनंद उठाया। मेले में सिंगार प्रसाधन और खिलौनों की दुकानों पर भी काफी भीड़ दिखी।