अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। अनुसूचित जाति की महिला को घर में बुलाकर जबरन दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा निवासी सुनील पांडेय की जमानत अर्जी अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार पांडेय का कथन था कि वादिनी गरीब महिला है। वह रोजी रोजगार के लिए गांव से प्रतिदिन बरगदवा क्षेत्र में आकर चौका बर्तन वह घरेलू कार्य करती थी । अभियुक्त एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। वादिनी के घर आते जाते समय अभियुक्त की उससे पहचान हुई। अभियुक्त ने एक दिन वादिनी से कहा कि उसके ससुराल से गेहूं आया है उसे साफ सुथरा कर दे जो उसकी मजदूरी होगी वह दे देगा। वादिनी अभियुक्त के कहे अनुसार 10 सितम्बर 2018 को सुबह 9 बजे उसके घर गई। अभियुक्त ने घर का दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया और मारा-पीटा। वापस जाते समय अभियुक्त का भाई आ गया और उसने भी वादिनी को मारा पीटा और धमकी दिया। कोर्ट में अभियुक्त ने जुर्म से इंकार किया और रंजिशन फंसाए जाने की बात कही । न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनी गई दलीलों को देखते हुए अभियुक्त का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।