अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। पूर्वांचल में ओवरलोडिंग ट्रकों से सरकार के राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले गैंग के सदस्यों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत मिलने की वजह अभी तक इस केस में चार्जशीट दाखिल न होना बताया जा रहा है। वर्तमान में मामले की विवेचना एसआईटी लखनऊ के पास है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने 24 जनवरी को बेलीपार के मेहरौली स्थित मधुबन होटल से ओवरलोड ट्रकों के सदस्यों को पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि प्रदेश के 21 जिलों के आरटीओ विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को पैसा देकर ओवरलोडिंग ट्रकों को पास कराता था। गैंग की वजह से आरटीओ विभाग का करोड़ों के राजस्व की क्षति कर रहे थे। एसटीएफ ने गैंग सरगना धर्मपाल सिंह, मनीष सिंह सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर बेलीपार थाने को सौंप दिया। वहीं 21 जिले में फैले इनके गैंग के बारे में भी फर्द में सिलसिलेवार जानकारी दी। 21 जिलों में से 16 जिलों के एआरटीओ तथा सिपाही से लेकर कर्मचारी तक के नाम और मोबाइल नम्बर का भी एसटीओ ने फर्द में जिक्र किया जिसके आधार पर इनके खिलाफ भ्रष्टचार की धारा में केस दर्ज किया गया था। एसएसपी गोरखपुर ने सीओ कैंट सुमित शुक्ला के नेतृत्व में एसआईटी को केस की विवेचना सौंपी थी। सीओ ने इस मामले में 21 जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तीन साल तक तैनात आरटीओ के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की डिटेल मांगी थी। वहीं आरोपियों से भी जेल में पूछताछ करने के बाद दो एआरटीओ और एक आरटीओ विभाग के सिपाही सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में कार्रवाई जारी थी कि इस बीच 11 मार्च को यह केस लखनऊ एसआईटी को सौंप दी गई। केस डायरी से लेकर सारे दस्तावेज एसआईटी को भेज दिए गए। इस बीच लॉकडाउन शुरू हो गया और अब जब कोर्ट खुले तो आरोपितों के अधिवक्ता ने जमानत की अर्जी दाखिल की थी जिसके बाद धर्मपाल सिंह सहित अन्य की जमानत हो गई है।