सब्जी को ठेले से घर तक पहुंचाने की प्रशासनिक अनुमति के बाद भी शाहपुर इलाके में पुलिस की मानमानी सामने आई है। आरोप है कि पादरीबाजार इलाके में ठेले पर सब्जी बेच रहे लोगों को ना सिर्फ पुलिस ने मारापीटा बल्कि उनका तराजू नाले में उठाकर फेंक दिया।
इस डर से कई सब्जी विक्रेता वहां से भाग गए। यही हालत रहा तो इलाके में होम डिलीवरी का संकट खड़ा हो जाएगा। उधर, चौकी इंचार्ज का कहना है कि ये आरोप झूठे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पादरी बाजार निवासी बांके बिहारी लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए रविवार को ठेला पर सब्जी लेकर मुहल्ले मे फेरी लगाकर बेच रहे थे। इस बीच वे पादरी बाजार अपने घर के पास पहुंचे थे कि पादरी बाजार चौकी प्रभारी सिपाहियों के साथ पहुंचे और बिना कुछ पूछे बांके बिहारी को डंडे से पिटाई करने लगे।
और भी हैं शिकायतें
इतने पर मन नहीं भरा तो तराजू और बांट को नाले में फेंक दिया और हिदायत देते कहा कि अब दिखोगे तो तुम्हें जेल भेजेगे। पुलिस के जाने के बाद अपनी गरीबी सोच कर बांके लाल रोने लगा, किसी तरह लोगों के मदद से तराजू नाले से बाहर निकाला लेकिन सब्जी में किचड़ लगने से खराब हो गया था।
बता दें कि दो दिन पहले संगम चौराहा पर सब्जी बेच रही तीन माह की गर्भवती महिला को भी पीटने का मामला सामने आया था। गर्भवती महिला परिवार के भरणपोषण के लिए सब्जी बेचने के लिए गिड़गिड़ाती रह गई लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी।
इस संबंध में पादरी बाजार चौकी प्रभारी विंध्याचल शुक्ल का कहना है कि प्रशासन के मंशानुरूप हमारा पहला कर्तव्य लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराना है, इसके पीछे लोग झूठे आरोप लगाते रहते है।