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देहरादून: सब्जियों की आड़ में लाई जा रही करीब दो करोड़ रुपये की स्मैक पकड़ी, दो लोग गिरफ्तार

Sun, 19 Apr 2020 04:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • लॉकडाउन में आवश्यक सेवा की आड़ में कर रहे थे स्मैक तस्करी
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स्मैक पकड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहरादून की विकासनगर कोतवाली पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवा की आड़ में स्मैक तस्करी कर रहे दो लोगों को धर दबोचा। दोनों के पास से करीब 500 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। दोनों सब्जियों के परिवहन की आड़ में बरेली से स्मैक तस्करी कर रहे थे। पकड़ी गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी चल रही है। तस्करी में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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रविवार को कोतवाली विकासनगर में प्रेसवार्ता करते हुए एसपी देहात पदमेंद्र डोभाल ने बताया कि बीते 17 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग आवश्यक सेवा की आड़ में ट्रक के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। जिसके बाद से पुलिस ने आवश्यक सेवा में लगे वाहनों की तलाशी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस को एक ट्रक के बारे में जानकारी हासिल हुई। 18 अप्रैल की सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त ट्रक हरबर्टपुर स्थित मोदी ग्राउंड में खड़ा है। जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे हुए हैं। जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करते हुए ट्रक की चैकिंग ली तो उसमें मिर्च के बोरे लदे थे जबकि, आगे आवश्यक सेवा संबंधित स्टीकर लगा था। पुलिस ने वाहन में मौजूद दोनों लोगों की तलाशी ली तो उनके पास से 500 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

आरोपियों की पहचान अशफाक अहमद पुत्र शकूर अहमद निवासी ताल्हापुर थाना बिहारीगढ़ सहारनपुर और शेरद्दीन पुत्र नजीरुद्दीन निवासी माजरी थाना सहसपुर के रूप में हुई। शेरद्दीन पूर्व में भी नशा तस्करी के मामले में तीन बार जेल जा चुका है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लॉकडाउन के समय क्षेत्र में नशा तस्करी का धंधा पूरी तरह से बंद है। ऐसे में उन्होंने स्मैक की खरीद के लिए खुशहालपुर निवासी अब्बास से संपर्क साधा। जिसके बाद उसने उन्हें मेहूंवाला निवासी इमरान से मिलवाया। इमरान ने ही उन्हें ट्रक के आगे आवश्यक सेवा का बोर्ड लगा बरेली से सब्जी लाने की आड़ में तस्करी का धंधा करने का आइडिया दिया। बताया कि लॉकडाउन के चलते इस समय उन्हें स्मैक के सौदे में उन्हें अधिक मुनाफा हो रहा था। एसपी देहात ने बताया कि मामले में अब्बास और इमरान की तलाश जारी है।

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आढ़त का काम करता है मास्टमाइंड इमरान

पूछताछ में आरोपी शेरद्दीन ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवा की आड़ में तस्करी करने का आइडिया मेहूंवाला निवासी इमरान का था। उसी ने तस्करी के लिए उन्हें अपना ट्रक मुहैया कराया। इमरान ने आरोपियों को बताया था कि उसका आढ़त का काम है। इमरान ने उन्हें यह भी कहा कि उससे फोन पर बात करना। उसी के कहने पर वह स्मैक खरीदने के लिए अब्बास को नहीं ले गए थे। ट्रक मालिक का कहना था कि यदि तीन लोग जाएंगे तो पुलिस जगह-जगह पूछताछ करेगी।

ऐसे हुई गिरफ्तारी
आरोपी शेरद्दीन ने बताया कि उन्होंने बरेली जाकर आवश्यक सेवा की आड़ में फतेहगंज पश्चिमी बरेली में रहने वाले मामू नाम के व्यक्ति से 500 ग्राम स्मैक खरीदी। जिसके बाद उन्होंने मंडी से सब्जी खरीदी और ट्रक को हरबर्टपुर ले आए। 17 अप्रैल को शेरद्दीन और अशफाक के बीच तय हुआ कि 18 अप्रैल को अशफाक उसे धर्मावाला छोड़ देगा और खुद ट्रक को लेकर सहारनपुर चला जाएगा। इसके लिए उन्होंने ट्रक को हरबर्टपुर ग्राउंड में खड़ा कर दिया। 18 अप्रैल की सुबह जब उन्हें हरबर्टपुर से जाना था तो उनकी गाड़ी खराब हो गई। इंजन स्टॉर्ट नहीं हुआ। इस बीच पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा।

गैंगेस्टर एक्ट में भी कार्रवाई
एसपी देहात ने बताया कि पूछताछ में प्रकाश में आए व्यक्तियों के खिलाफ साक्ष्य संकलन और बरेली के तस्कर को भी विवेचना में शामिल किया जा रहा है। उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी।

कॉस्टेबल श्रीकांत ने निभाई अहम भूमिका
आरोपियों की गिरफ्तारी में कॉस्टेबल श्रीकांत मलिक ने अहम भूमिका निभाई। वह लंबे समय से ऐसे लोगों पर नजर रख रहा था जो क्षेत्र में स्मैक की सप्लाई कर रहे हैं। उसी के पास सबसे पहले ट्रक के जरिए स्मैक तस्करी की सूचना आई थी। जिसके बाद उसने मामले की जानकारी प्रभारी कोतवाल गिरीश नेगी को दी। जिसके बाद प्रभारी कोतवाल ने टीम गठित कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

आईजी और एसएसपी ने कि इनाम की घोषणा
आरोपियों की गिरफ्तारी पर आईजी गढ़वाल ने टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को पांच हजार रुपये और एसएसपी देहरादून ने 2500 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है।
 
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