मीरा देवी के पति शिक्षक थे। उनकी मौत 26 साल पहले ही हो गई थी। उनके मौत के बाद ही मीरा देवी चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाई थी। मौत के बाद पूरे परिवार में चीख पुकार मची है।
क्रेन चालक को छोड़ने का भी आरोप
ग्रामीणों का गुस्सा क्रेन चालक को छोड़ने के बाद भड़का है। आरोप है कि क्रेन चालक तभी आगे जाने पर पकड़ लिया गया था लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया है। हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है।
उत्पाती भीड़ ने की पत्रकार से मारपीट
घटना का कवरेज करने गए वरिष्ठ पत्रकार अंबुज गुप्ता से भी भीड़ ने मारपीट की है। वह बताते रहे कि घटना की कवरेज करने आए हैं लेकिन उत्पाती भीड़ ने एक नहीं सुना। कवरेज करने गए पत्रकार के साथ मारपीट भी की है। इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। पत्रकार का कहना है कि आरोपी को पहचान लिया है। इसकी जानकारी भी पुलिस को दी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस का रवैया बेहद खराब रहा है।