पुलिस के गिरफ्त में आरोपी दरोगा व सिपाही।
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महराजंज के दो सर्राफा व्यवसाई को गोरखपुर में अगवा करके 30 लाख की लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीनों पुलिस कर्मी 25 महीने से पुरानी बस्ती थाने में तैनात हैं। सहकर्मी बताते हैं कि भले ही उनमें एक दरोगा और बाकी दोनों सिपाही थे लेकिन उनका आपसी तालमेल और गठजोड़ कमाल का था।
अलग-अलग जिलों के निवासी होने के बावजूद माना जाता था कि सजातीय आत्मीयता इनकी निकटता का कारण है, लेकिन गुरुवार को तीनों पुलिसकर्मियों दरोगा धर्मेंद्र यादव, कांस्टेबल संतोष यादव व कांस्टेबल महेंद्र यादव की करतूत ने पूरे महकमे को शर्मसार कर दिया। इनमें कांस्टेबल महेंद्र का शादी के लिए रिश्ता तय है।
एसपी हेमराज मीणा के मुताबिक, सितंबर 2018 में बलिया से स्थानांतरित होकर आया दरोगा धर्मेंद्र यादव और 2018 में भर्ती हुए दोनों सिपाहियों महेंद्र यादव व संतोष यादव की जनवरी 2019 में पुरानी बस्ती थाने पर तैनाती हुई थी।
इनमें दरोगा धर्मेंद्र यादव गोरखपुर जिले के थाना सिकरीगंज के जगरनाथपुर, आरक्षी महेंद्र यादव मऊ जनपद के थाना सराय लखनसी के रैकवारडीह और तीसरा आरक्षी संतोष यादव गाजीपुर जिले के थाना जंगीपुरा के गांव अलवरपुर का मूल निवासी है।
गुरुवार को जब पुरानी बस्ती थाने समेत जिले के अन्य पुलिसकर्मियों को लूटकांड में तीनों के शामिल होने का पता चला तो सभी सन्न रह गए। अब तीनों की आपस की गठजोड़ को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं।