चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जब दोनों युवक दार्जिलिंग के आदिवासी क्षेत्र में पहुंचे तो लड़की के परिजनों ने उनकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया था। बाद में पकड़े दोनों युवकों के मोबाइल के जरिए ग्राम प्रधान पति पन्ना पाल और हरिहरपुर चौकी इंचार्ज की सिफारिश पर वहां की पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया था।
एक परिवार का बुझा चिराग तो दूसरे ने अपना दुलारा खोया
बेल्डुहा गांव निवासी मृतक अमित कुमार अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। पिता संतोष मौर्या चेन्नई में राजगीर का काम करते हैं। माता अनीता दो बेटियों और बेटे के साथ घर पर रहती हैं।
बेटे की मौत पर बिलखते हुए अनीता ने बताया कि उसके घर का तो चिराग ही बुझ गया। उधर, घर के दुलारे गोकुल की मौत से पिता रामआशीष और माता राजमती बेसुध थीं। गोकुल चार भाइयों में सबसे छोटा था।