उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अमवादीगर गांव के भरपटिया टोला में जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद की सूचना पर पुलिस पहुंची। वहां विवाद कर रहे कुछ लोगों की पुलिस से भी कहासुनी हो गई। इसके बाद पुलिस ने लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया, जिस पर उन लोगों की तरफ से ईट-पत्थर भी फेंके गए।
इस घटना में लगभग आठ लोग घायल हो गए। दो-तीन पुलिसकर्मियों को भी हल्की चोटें आईं। घटना की सूचना मिलने पर एएसपी और सीओ तमकुहीराज पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों से कुल 27 लोगों के खिलाफ शांतिभंग करने पर मुकदमा दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि इस गांव की रहने वाली संपतिया देवी पत्नी चंचल और दूसरे पक्ष में जमीन को लेकर विवाद हो गया। दोपहर में करीब 12 बजे विवादित भूमि पर पुलिस पहुंची। बताया जा रहा है कि करीब एक एकड़ जमीन को लेकर मंडलायुक्त के न्यायालय में मुकदमा लंबित है।
विवाद कर रहे लोगों को पुलिस ने लोगों को खदेड़ना शुरू किया तो लोग भी ईट-पत्थर फेंकने लगे। इसके चलते राजू गुप्ता, बच्चा यादव, सावित्री देवी, कपिल गुप्ता, बबलू, राकेश यादव, चंद्रशेखर, महावीर सहित गांव के लगभग आठ लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया गया। इस घटना में दो-तीन कांस्टेबल को भी हल्की चोटें आईं।
24 पर दर्ज किया मुकदमा
इस घटना की सूचना मिलते ही एएसपी अयोध्या प्रसाद सिंह और सीओ तमकुहीराज फूलचंद कन्नौजिया मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस ने महिला के पक्ष से तीन और दूसरे पक्ष के 24 लोगों पर शांति भंग करने पर मुकदमा दर्ज किया है। मौके पर पुलिस तैनात की गई है। एएसपी ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दस वर्षों से चल रहा है जमीन का विवाद
अमवादीगर गांव के भरपटिया टोला के कुछ लोगों ने बताया कि सरजू पुत्र बंशी के नाम से जमीन पहले से थी। वर्ष 2011 में सरजू की मृत्यु हो गई। उनकी कोई संतान नहीं थी। उसके बाद गांव की रहने वाली संपतिया देवी पत्नी चंचल के नाम से उसी वर्ष वसीयत करा ली गई।
वहीं जब इसकी जानकारी दूसरे पक्ष को हुई तो वह भाग दौड़कर वसीयत निरस्त करा दिए। लेकिन वर्ष 2017 में संपतिया की तरफ से पुन: वसीयत करा लिया गया। तब से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। जमीन कब्जा करने को लेकर कई बार दोनों पक्ष आमने सामने आ चुके हैं। आरोप है कि संपतिया देवी की तरफ से फर्जी तरीके से वरासत करा लिया गया था। यह मामला कमिश्नर के न्यायालय में लंबित है।