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गोरखपुर: एसटीएफ ने मुठभेड़ में पश्चिमी यूपी के पचास हजार के इनामी बदमाश को किया गिरफ्तार

Wed, 26 Feb 2020 07:09 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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50 हजार का इनामी बदमाश। - फोटो : अमर उजाला।
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एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी बदमाश फिरोजाबाद निवासी देवेंद्र यादव को रेलवे जीएम आवास के पास मुठभेड़ में मंगलवार की रात को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने उसके खिलाफ कैंट थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कराया है। कैंट पुलिस ने उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसटीएफ के अनुसार देवेंद्र ने दो लोगों की हत्याएं की है। एक हत्या में उसे आजीवन कारावाज की सजा भी हो चुकी है। जिसमें हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर था। इस दौरान उसने एक और हत्या कर दी और फरार हो गया। जिसके बाद उसके खिलाफ आईजी आगरा ने 50 हजार का ईनाम घोषित किया  था।
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एसटीएफ के अनुसार गोरखपुर फील्ड यूनिट को पश्चिमी यूपी के कुछ अपराधियों के गोरखपुर आने की सूचनाएं कई दिन से मिल रही थी। सर्विलांस और अभिसूचना के जरिए उप निरीक्षक सूरजनाथ सिंह को सूचना मिली की फिरोजाबाद में एक प्रापर्टी डीलर की हत्या का फरार आरोपित 50 हजार का इनामी देवेंद्र यादव गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आने वाला है। इस पर इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह और उनकी टीम रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते में उसका इंतजार करने लगी।

इस दौरान फिरोजाबाद के कापावली निवासी देवेंद्र आता हुआ दिखाई दिया। एसटीएफ ने उसे रोका तो वह फायरिंग करने लगा। जिसके बाद एसटीएफ ने भी फायरिंग की और उसे कैंट इलाके के रेलवे जीएम आवास के पास से गिरफ्तार कर लिया। देवेंद्र के पास  से एक तमंचा, दो कारतूस, एक खोखा, एक मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किया। एसटीएफ के अनुसार देवेंद्र जमानत के बाद हत्या कर फरार हो गया और गोरखपुर और महराजगंज जिले में अपना ठिकाना बना लिया।
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हत्या के मामले में हो चुकी है आजीवन कारावास की सजा

एसटीएफ के अनुसार पकड़े गए बदमाश देवेंद्र यादव ने वर्ष 2003 में गांव के ही दरब सिंह जाट को भूमि विवाद में गोली मार दी थी। जिसमें उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ, और पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजवाया। जमानत पर बाहर आने के बाद वर्ष 2005 में गांव के बृजेश यादव से उसका विवाद हो गया। इसके बाद उसने बृजेश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर उसे एक बार फिर जेल भेजवाया।

इसके बाद निचली अदालत से हत्या के प्रयास के मामले में सात वर्ष और हत्या के मामले में आजीवन कारावाज की सजा हुई। बाद में उसे वर्ष 2014 में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। वह जमानत पर बाहर आया। वर्ष 2019 में लेन-देन को लेकर प्रापर्टी डीलर गांव के ही अनूप यादव की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उसके बाद से वह फरार था। बुधवार को वह अपने भाई के पास कोयंबटूर जा रहा था। उसके खिलाफ फिरोजाबाद के नारखी थाने में पहले से ही पांच केस दर्ज हैं।
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