बिंजल अब उन दोनों के बीच बाधा बनने लगी थी। इसलिए उसे रास्ते से हटाने की दोनों ने साजिश रची। 25 जून को भाभी ने बिंजल को बताया कि अब्दुल उसका इंतजार दूसरे गांव स्थित पूर्णेश्वर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में कर रहा है।
शाम को बिंजल आम बीनने के लिए बाहर जाने का बहाना बनाकर घर से निकली। वह सीधे संस्कृत महाविद्यालय पहुंची। वहां अब्दुल पहले से ही सही मौजूद था और भाभी भी आ गई। इन दोनों ने मिलकर बिंजल के मुंह में कपड़ा ठूंसा और गला घोटकर हत्या कर दी।
दोनों हत्यारे बिंजल को संभाल नहीं पा रहे थे इसलिए पहले दोनों ने मिलकर उसके हाथ पीछे बांधे, फिर गला घोट दिया। एसपी विजय ढुल ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि भाभी इसमें मुख्य साजिशकर्ता है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।