नाबालिक से दुष्कर्म व पैदाइश छुपाने के लिए नवजात की हत्या का आरोपी है विभाष्म सिंह। (file)
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पीपीगंज इलाके में दुष्कर्म कर नाबालिग को मां बनाने फिर नवजात की हत्या मामले में नाबालिग मां का कोर्ट में बयान दर्ज हो गया। पुलिस ने इस प्रकरण में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। खबर है कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने वही बयान दोहराया है, जो उसने पुलिस को दिया था। चार्जशीट में पुलिस ने विभाष्म और नाबालिग मां को हत्या का आरोपित बनाया है। विभाष्म पर दुष्कर्म, पॉक्सो, आपराधिक साजिश रचने, हत्या और नाबालिग की मां पर साक्ष्य छिपाने की धारा लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की गई है। विभाष्म और नाबालिग की मां को जेल में तो नाबालिग को बालिका सुधार गृह में रखा गया है।
31 जनवरी को हत्या कर फेंके गए नवजात के शव के मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 22 फरवरी को आरोपित नाबालिग और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया था। 26 फरवरी को मुख्य आरोपित विभाष्म सिंह ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित को कस्टडी में लेकर मेडिकल की प्रक्रिया पूरी कराई। डॉक्टर की ओर से एक मार्च को मेडिकल रिपोर्ट न्यायालय में रिपोर्ट भेजी गई।
यह हुआ था
फिर कोर्ट में बयान की तारीख मंगलवार को होली के दिन तय कर दी मगर पुलिस ने सोमवार को ही कोर्ट से अनुमति मिलने पर 164 का बयान दर्ज करा दिया। खबर है कि नाबालिग मां ने कैंपियरगंज पुलिस को जो बयान दिया था, उसे कोर्ट में भी दोहराया है। कोर्ट में बयान दर्ज होते ही पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। एसओ कैंपियरगंज निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि कोर्ट में नाबालिग मां का बयान दर्ज हो चुका है, चार्जशीट भी भेजी जा चुकी है। डीएनए रिपोर्ट आते ही उसे भी कोर्ट दाखिल कर दिया जाएगा।
31 जनवरी को पीपीगंज के एक गांव में नवजात का फेंका गया शव मिला था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया तो हत्या किए जाने की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में केस दर्ज कर लिया गया था। वादी एसओ पीपीगंज होने की वजह से विवेचना कैंपियरगंज को सौंपी गई थी। कैंपियरगंज पुलिस की जांच में हत्या का मामला खुलने पर आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए थे।
हो सकती है ये सजा
धारा 302 (हत्या): सजा साबित होने पर आजीवन कारावास या फांसी में व जुर्माना या फिर दोनों।
धारा 376 (दुष्कर्म) : दुष्कर्म के पॉक्सो की धारा लगने पर उम्र के हिसाब से सजा होती है अधिकतम फांसी या फिर दस साल की कैद।
धारा 120 (आपराधिक साजिश) : यह सजा हत्या की सजा के हिसाब से होती है, इसमें भी फांसी या उम्रकैद की सजा हो सकती है।
धारा 201 (साक्ष्य छिपाने) : आरोपित को सात साल की कैद हो सकती है
धारा 506 (धमकी): दो साल की सजा या आर्थिक दंड या दोनों
धारा 318 (पैदाइश छिपाने): दो साल की कैद, जुर्माना या दोनों