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नाबालिग से दुष्कर्म और नवजात की हत्या मामला, अब डीएनए सैंपल बदलकर बचना चाह रहा है विभाष्म

Fri, 28 Feb 2020 11:18 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।

सार

  • सैंपल का लॉट नंबर जानने के लिए एक पुलिसकर्मी से मिला विभाष्म का करीबी
  • नहीं लगी सकी भनक, पुलिस अधिकारियों को मिली जानकारी, सतर्कता बढ़ी
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नाबालिक से दुष्कर्म व पैदाइश छुपाने के लिए नवजात की हत्या का आरोपित है विभाष्म सिंह। (file) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पीपीगंज में नाबालिग का दुष्कर्म कर मां बनाने, फिर नवजात की हत्या के मामले में आरोपित विभाष्म के परिवार वाले उसे बचाने की हर कोशिश कर रहे हैं। वे डीएनए जांच के लिए एकत्र किए गए विभाष्म के सैंपल को बदलना चाह रहे हैं।

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इसके लिए विभाष्म के एक करीबी ने एक पुलिसकर्मी से संपर्क कर सैंपल का लॉट नंबर जानने की कोशिश भी की। इसके बाद पुलिस सतर्क हो गई है। सैंपल को अब गोपनीय तरीके से लैब में भेजा जाएगा। इसकी जानकारी महज एक पुलिसकर्मी और अफसर को होगी।

जानकारी के मुताबिक आरोपित विभाष्म सिंह और नाबालिग मां का बुधवार को डीऑक्सी राइबो न्यूक्लिक एसिड (डीएनए) जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया है। विभाष्म का ब्लड सैंपल जेल के अस्पताल में लिया गया तो नाबालिग मां का ब्लड सैंपल जिला महिला अस्पताल में लिया गया।
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अब इसी सैंपल में खेल कराने को लेकर आरोपित के जानने वाले थाने से लेकर लखनऊ तक पैरवी में लगे हैं। खबर है कि बुधवार की रात बारह बजे के बाद विभाष्म का एक करीबी थाने भी पहुंचा था और सिपाही की मदद से उन्होंने लाट नंबर जानने की कोशिश की। लेकिन उसे भनक तक नहीं लग पाई। अब क्योंकि यह जानकारी थानेदार और अफसरों तक पहुंच गई है, इस वजह से पुलिस और सतर्क हो गई है।

उधर, नाबालिग मां के वैजाइनल स्मियर के सैंपल को जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को भी उसकी कुछ जांचें कराई गईं हैं। सभी सैंपल को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा जाएगा। एसओ निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर सतर्क है, आरोपित बचने ना पाए ऐसे साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।

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