राज कुमार सिंह की भाभी कुसुमलता सिंह ने मुंबई स्थित जमीन का आधा हिस्सा देवर त्रिलोकी को दे दिया था। आधा हिस्सा हत्या के मुख्य आरोपित विजय सिंह को देने की बात हुई थी लेकिन बाद में जमीन उसे ना देकर राजकुमार सिंह को दे दिया। इसी बात को लेकर विजय सिंह को खुन्नस थी।
दरअसल, पति अजय सिंह की मौत के बाद कुसुमलता अकेली हो र्गइं थीं, उनके कोई बच्चे नहीं थे और पति की मौत के बाद वह अकेली ही थीं। मार्च में राजकुमार सिंह मुंबई से आए थे। अपने ससुराल में परिवार के साथ रह रहे थे।
आठ जून को विजय सिंह के ही कहने पर वह नार्मल स्थित आवास पर आए थे जहां पर घरवालों के बीच पंचायत हुई। गीता, त्रिलोकी, संजय, अभिषेक, विजय, विद्यावती, राधा मौजूद थी। रात आठ से नौ बजे के बीच राजकुमार सिंह के कमरे में बातचीत शुरू हुई लेकिन राजकुमार सिंह नहीं माने।
अचानक विवाद बढ़ा और मारपीट हो गई। इसी दौरान कमरे में राज कुमार सिंह की हत्या कर दी गई। शव को छिपाने के लिए एकला बंधे पर फेंक दिया गया था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसओ गीडा देवेंद्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल राजेंद्र वर्मा, कांस्टेबल पवनेश कुमार पांडेय, अनुपम शुक्ला आदि शामिल रहे।