गगहा इलाके के बडिहारी निवासी विष्णु उर्फ सूरज सिंह की हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपित धीरज शाही को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में धीरज ने बताया कि विष्णु से उसकी दोस्ती थी। पंद्रह हजार रुपये उसको उधार दिए थे। वह रुपये देने में आनाकानी कर रहा था। इसीलिए चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मामले में अन्य आरोपित फरार हैं। पुलिस जांच में जुटी है।
पुलिस लाइंस में सीओ बांसगांव नितेश सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपित के बारे में जानकारी दी। सीओ ने बताया कि विष्णु उर्फ सूरज सिंह बीते एक फरवरी की शाम घर से निकले थे। रात्रि 7 बजे मोबाइल पर परिजनों से बात की, जिसमें कौड़ीराम में होने की बात बताई थी। उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। सुबह ग्रामीणों ने कौड़ीराम सोहगौरा बंधे के पास एक युवक का शव देखा, जिसकी गर्दन काटकर हत्या की गई थी।
सूचना पर पहुंची बांसगांव पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा। गगहा थाने में मृतक विष्णु की मां राजकुमारी देवी ने धीरज शाही, डब्लू व अज्ञात पर हत्या और साक्ष्य छिपाने की कोशिश की धाराओं में केस दर्ज कराया था।
घर से बुलाकर ले गए थे आरोपित
जिस दिन शव मिला था, उसी सुबह गगहा पुलिस ने गुमशुदगी भी दर्ज की थी। एसएसपी ने फरार आरोपित धीरज शाही पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गगहा चौराहे के पास से सुबह 5:30 बजे धीरज को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार करने वाली टीम में गगहा थाना प्रभारी जगत नरायन सिंह, एसएसआई प्रवेश कुमार सिंह, एसआई प्रधान यादव, कांस्टेबल प्रमोद सिंह, दीपू आदि शामिल थे।
विष्णु को आरोपित घर से बुलाकर ले गए थे। पहले भी दोनों के बीच लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इस वजह से उस दिन घरवाले मना कर थे, फिर भी विष्णु उनके साथ निकल गया था और अगले दिन उसका शव मिला।
हत्या के बाद घर चला गया था आरोपित
किसी को कोई संदेह ना होने पाए, इस वजह से हत्या करने के बाद मुख्य आरोपित धीरज शाही घर चला गया था लेकिन नामजद केस दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था। उसके साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगी है।