गोरखपुर पिपराइच पुलिस ने धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोपी महराजगंज के पनियरा थाने के रजौड़ा खुर्द निवासी मनोज निषाद को मंगलवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर कस्बे से ही गिरफ्तार किया।
वह एक साल से फरार चल रहा था। मामले के दो अन्य आरोपियों को शाहपुर के बशारतपुर ओमनगर निवासी सागर प्रताप सिंह, पिपराइच के जंगल तिनकोनिया निवासी दिग्विजय सिंह को पुलिस ने सोमवार को ही गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। मनोज को भी पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।
थानेदार दिनेश मिश्रा ने बताया कि शाहपुर के बशारतपुर कृष्णानगर निवासी मोहन प्रताप की पत्नी मीरा देवी ने बीते 10 अक्तूबर 2019 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि शाहपुर के सागर प्रताप सिंह, जंगन तिनकोनिया निवासी दिग्विजय सिंह, रामभवन व रामअवध ने फर्जी तरीके से कूटरचिज दस्तावेज तैयार कर पिपराइच स्थित एक जमीन जो दूसरे की थी, उन्हें 24 अप्रैल 2019 को बैनामा कर दिया।
बाद में पता चला कि जमीन दूसरे की है। इन सभी ने जमीन के एवज में 14 लाख 40 हजार रुपये लिए थे। जिसे वापस नहीं किया। जिसके बाद पुलिस केस दर्ज कर विवेचना कर रही थी। पहले सोमवार को दिग्विजय सिंह व समर प्रताप को पुलिस ने गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान मनोज का नाम सामने आने पर मंगलवार को उसे गिरफ्तार किया।